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Opinion


चुनाव आयोग का आंतरिक विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त: एक विस्तृत रिपोर्ट! The Election Commissions, Internal Dispute and, the Chief Election Commissioner
संपादकीय टिप्पणी(मनोज सिंह कुसवाह): हाल ही में सामने आए चुनाव आयोग के आंतरिक दस्तावेजों ने देश के राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके साथी आयुक्तों के बीच के मतभेदों ने संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रस्तुत है इस पूरे विवाद का एक विस्तृत और तथ्यात्मक विश्लेषण।
6 days ago4 min read


देश की आरक्षण व्यवस्था: क्या वाकई हम इतिहास के सबसे बड़े चौराहे पर खड़े हैं? The countrys reservation system, Are we truly standing at, the biggest crossroads in history
यह आंदोलन सिर्फ सवर्णों का नहीं, बल्कि दलितों और शोषितों के भीतर उस अत्यंत वंचित वर्ग का है, जो यह सवाल पूछ रहा है कि—"आज़ादी के 75 साल बाद भी आरक्षण का एक कतरा फायदा उन तक क्यों नहीं पहुंच पाया?" सरकारें भले ही सबका साथ-सबका विकास के दावे कर रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि आज आरक्षण के मोर्चे पर पूरी व्यवस्था चारों तरफ से घिर चुकी है।
Oct 17 min read


सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले पेंडिंग अपीलों पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार, कहा "ये केवल उपचुनाव हैं"Supreme Court refuses, immediate hearing on pending appeals, ahead of West Bengal
नई दिल्ली: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की एक पीठ ने पश्चिम बंगाल के रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले, पेंडिंग अपीलों पर जल्द सुनवाई की मांग को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि ये केवल उपचुनाव हैं और इससे अधिक कुछ नहीं।
Sep 293 min read


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन: राजनीतिक अपील से लेकर प्रशासनिक तंत्र तक ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान की इनसाइड स्टोरी!
EDITORIAL:भारतीय राजनीति में कई बार राजनीतिक दलों के संगठनात्मक अभियानों और सरकारी महकमों के बीच की लकीरें इतनी धुंधली हो जाती हैं कि यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा कार्यक्रम दल का है और कौन सा सरकार का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन (17 सितंबर 2026) के अवसर पर देश भर में आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम ने इस बहस को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
Sep 194 min read


समान नागरिक संहिता और 2029 का राजनीतिक चक्रव्यूह: क्या है बीजेपी की 24x7 चुनावी रणनीति की पूरी इनसाइड स्टोरी?The Uniform Civil Code, the 2029 Political Labyrinth, the BJP's 24x7 electoral strategy,
एडिटोरियल :भारतीय राजनीति में चुनावों का चक्र कभी थमता नहीं है। अमूमन राजनीतिक दल चुनाव जीतने के बाद पांच साल सरकार चलाते हैं और फिर अगले चुनावी चक्र की तैयारी करते हैं, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय फलक पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) इस पूरे समीकरण से अलग हटकर काम करती रही है। राजनीतिक विश्लेषक इसी कार्यशैली को 'बीजेपी की 24x7 चुनावी राजनीति' की संज्ञा देते हैं।
Sep 193 min read


जातिगत राजनीति का मायाजाल, अल्पसंख्यकों का पेंच और आंकड़ों का कड़वा सच! The web of caste politics, the minority conundrum, and the bitter truth
अंग्रेज़ों की 'बांटो और राज करो' की नीति का आधुनिक संस्करण; मध्य प्रदेश (MP) का विशेष ग्राउंड रियलिटी डेटा; मुस्लिम-इसाई समुदायों में जातिवाद सैनिटरी क्रिश्चियन का सच; 1931 के मुकम्मल ऐतिहासिक आंकड़े बनाम वर्तमान की संख्यात्मक हकीकत और साक्ष्यों के साथ कोटे के भीतर अल्पसंख्यकों के हिस्से का एक निष्पक्ष, व्यापक विश्लेषण।
Sep 1517 min read


अग्निपथ योजना पर जनरल नरवणे की आत्मकथा से उठे सवाल: क्या नीतिगत निर्णयों से सैन्य ढांचे पर पड़ा असर? General Naravane, autobiography regarding, the Agnipath scheme
Editorial Opinion:पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के सामने आए अंशों ने देश के रणनीतिक और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। समाचार एजेंसी पीटीआई और मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई जानकारियों के अनुसार, सशस्त्र बलों में अल्पकालिक भर्ती के लिए लाई गई 'अग्निपथ योजना' का मूल स्वरूप सेना के शुरुआती प्रस्ताव से काफी भिन्न था। इन खुलासों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों की निर्णय-प्रक्रिया, नौकरशाही की भूमिका और
Sep 103 min read


सोशल मीडिया का प्रोपेगैंडा बनाम 77 साल पुराना सच: सामूहिक तपस्या था भारत का संविधान! Social Media Propaganda vs, the 77-Year-Old Truth, Indias Constitution Was a Collective Penance!
मूल आलेख: पंडित नरेंद्र मिश्रा तथ्य संकलन एवं संपादन: संपादकीय डेस्क (गमाकी मीडिया / GAMAKI MEDIA) CREDIT:Rajiv GandhiInstitute ForContemporary Studies & (The Constitution of India) उम्र के इस पड़ाव पर जब आज की नई पीढ़ी को मोबाइल की छोटी सी स्क्रीन पर इतिहास तय करते देखता हूँ, तो मन भीतर तक व्यथित हो उठता है। आज का दौर सोशल मीडिया की सतही समझ, अधकचरे ज्ञान और प्रायोजित राजनीतिक विमर्शों का अखाड़ा बन चुका है। जब भी हमारे पवित्र संविधान की बात उठती है, तो डिजिटल चौपालों पर दो
Sep 413 min read


Q1 जीडीपी के 7.8% के आंकड़ों पर आर्थिक बहस: विश्लेषकों ने उठाए सवाल, सांख्यिकी मंत्रालय का 'डबल डिफ्लेशन' ! Economic debate over Q1 GDP figure of 7.8%, Analysts raise questions, double deflation,
Editorial Opinion:
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के जीडीपी आंकड़ों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की वास्तविक सेहत और विकास दर की गणना पद्धति को लेकर एक बड़ी नीतिगत बहस छेड़ दी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की अर्थव्यवस्था ने 7.8% की दर से वृद्धि दर्ज की, जिसने केंद्रीय बैंक के 7% के अनुमान को पीछे छोड़ दिया। इसी अवधि में ग्रॉस वैल्यू ऐडेड (GVA) भी 8.2% की दर से बढ़ा। जहां एक ओर इसे आर्थिक म
Sep 37 min read


सोनिया गांधी की जीवनी पर विवाद: पेंगुइन ने प्रकाशन से खींचे हाथ, राजनीतिक दबाव के आरोप! Controversy Erupts Over Sonia Gandhi’s Memoir, Penguin Drops Publication Amid, Allegations of Political Pressure
नई दिल्ली
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा (संस्मरण) 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ़ लव' (Belonging: A Journey of Love) के प्रकाशन को लेकर देश में एक नया राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। वैश्विक प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस की भारतीय शाखा 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' (PRHI) द्वारा किताब के कुछ संवेदनशील अंशों में बदलाव की मांग के बाद सोनिया गांधी के असहमति जताने पर प्रकाशक ने भारत में इसका प्रकाशन न करने का निर्णय लिया है।
Sep 25 min read


जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार आंदोलन: संवैधानिक संतुलन और सुलगता सामाजिक असंतोष!Reservation Reform, Movement at Jantar Mantar, Constitutional Balance
देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर एक बार फिर तीखे सामाजिक और नीतिगत मंथन का केंद्र बन चुका है। पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षा सुधारों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 45 दिनों से चल रहा अनशन व धरना अभी समाप्त ही हुआ था कि उसी मैदान में एक नया और बेहद संवेदनशील मोर्चा खुल गया।
Aug 295 min read


त्योहार के उल्लास पर प्रशासनिक संवेदनहीनता का बुलडोजर: क्या आदिवासी अंचल के गरीबों की आजीविका का कोई मोल नहीं? Administrative insensitivity, bulldozes festive, cheer
लेख :धर्मेंद्र भलावी (विधानसभा अध्यक्ष, यूथ कांग्रेस)
मध्य प्रदेश का बैतूल जिला अपनी शांतिप्रिय आदिवासी परंपरा, सादगी और मेहनतकश जीवनशैली के लिए पहचाना जाता है। इस अंचल की आत्मा यहां के ग्रामीण, आदिवासी और छोटे तबके के स्वाभिमान में बसती है। स्थानीय स्वशासन और प्रशासनिक व्यवस्था का बुनियादी धर्म जनता के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना होता है। लेकिन चिचोली में नगर परिषद प्रशासन और सीएमओ द्वारा रक्षाबंधन के पावन पर्व के मौके पर जो कदम उठाया गया, उसने व्यवस्था की संवेदनशील
Aug 293 min read
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लालफीताशाही और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम: केन्द्रीय लोक शिकायत विभाग की 53वीं रिपोर्ट ने खोली दावों की पोल!The consequence of red tape, administrative negligence The 53rd report, of the Central
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) द्वारा जारी की गई सितंबर 2026 की केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली की 53वीं मासिक रिपोर्ट ने सरकारी तंत्र के भीतर चल रही मनमानी और जमीनी स्तर की असंवेदनशीलता की पोल खोल दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2026 में केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों द्वारा कुल 2,38,579 शिकायतों का निवारण किया गया है, और वर्ष 2026 के दौरान शिकायत निवारण का औसत समय 13 दिन रहा है। एक तरफ सरकार त्वरित निपटान और पारदर्शी व्यवस्था के दावे कर रह


गरीबों के निवाले पर डाका: शाहपुर में शासकीय उचित मूल्य दुकान की कालाबाजारी, पौने चार लाख का जुर्माना और एफआईआर दर्ज Crackdown on PDS Ration, Black Market FIR and Heavy Fine, Imposed in Betul District
बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड के अंतर्गत गरीबों के लिए आने वाले शासकीय राशन की कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। शाहपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पाठई (कोड 3107004) में प्रशासनिक जांच के दौरान बड़े पैमाने पर खाद्यान्न खुर्द-बुर्द करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। इस वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करा दी है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि


स्नातक स्तर की 3,548 एनटीपीसी रिक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू Application process begins, for 3548 graduate, level NTPC vacancies
भारतीय रेलवे ने स्नातक स्तर की 3,548 गैर-तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (एनटीपीसी) की रिक्तियों के लिए केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना (CEN) संख्या 06/2026 जारी की है। इसके तहत वाणिज्यिक सेवाओं, ट्रेन संचालन, लेखा और प्रशासन के विभिन्न पदों पर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।


चुनाव आयोग का आंतरिक विवाद और मुख्य चुनाव आयुक्त: एक विस्तृत रिपोर्ट! The Election Commissions, Internal Dispute and, the Chief Election Commissioner
संपादकीय टिप्पणी(मनोज सिंह कुसवाह): हाल ही में सामने आए चुनाव आयोग के आंतरिक दस्तावेजों ने देश के राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके साथी आयुक्तों के बीच के मतभेदों ने संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रस्तुत है इस पूरे विवाद का एक विस्तृत और तथ्यात्मक विश्लेषण।


शाहपुर में गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर स्वच्छता अभियान आयोजित; विकास कार्यों की उठी मांग
शाहपुर (बैतूल), राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के पावन अवसर पर सार्वजनिक विकास मंच शाहपुर द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को नगर परिषद क्षेत्र शाहपुर के श्री राम घाट पतौवापुरा और शहीद स्मारक सरदार गंजन सिंह चौपाल परिसर में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसके बाद भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि यह मंच पिछले 16 वर्षों यानी 2 अक्टूबर 2010 से लगातार स्थानीय गणमान्य नागरिकों तथा घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र क
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