नर्मदापुरम: महानाट्य ‘डॉ. हेडगेवार’ के मंचन ने जगाई राष्ट्रभक्ति की अलख; संघ शताब्दी वर्ष पर भव्य आयोजन
- Apr 24
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नर्मदापुरम | 23 अप्रैल 2026
नर्मदा महाविद्यालय के सभागार में संघ शताब्दी वर्ष और राष्ट्रगीत 'वन्देमातरम' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में महानाट्य ‘डॉ. हेडगेवार: एक व्यक्ति, एक विचार, एक युग’ का भव्य मंचन किया गया। निकुम सोशल कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जन सेवा शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्था, भोपाल के कलाकारों ने अपनी जीवंत प्रस्तुति से दर्शकों को ढाई घंटे तक बांधे रखा।

वन्देमातरम के साथ हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक राष्ट्रगीत 'वन्देमातरम' के गायन से हुआ। इसके पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के संस्थापक डॉ. केशवराव हेडगेवार की जीवनी और संघ की स्थापना के शुरुआती दौर पर आधारित महानाट्य का मंचन किया गया। नाटक में तकनीकी रचनात्मकता और कलाकारों के सधे हुए अभिनय के मेल ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
नाटक का कथानक: त्याग और संगठन की गाथा
यह नाटक डॉ. हेडगेवार के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके दृष्टिकोण को बखूबी दर्शाता है। नाटक में केवल ऐतिहासिक घटनाओं का चित्रण ही नहीं था, बल्कि तत्कालीन युग की चुनौतियों और समाज निर्माण की प्रेरणा को भी जीवंत किया गया।
प्रमुख दृश्य: डॉ. जी के बचपन से लेकर संघ की स्थापना, उनका महाप्रयाण और गुरु गोलवलकर को उत्तराधिकारी नियुक्त करने तक के सफर को दृश्य-दर-दृश्य प्रस्तुत किया गया।
प्रमुख पात्र: नाटक में अप्पा जोशी, अन्ना सोहनी, भाऊजी कावरे, यादवराव जोशी, गुरु गोलवलकर और बालासाहब देवरस जैसे व्यक्तित्वों के योगदान को भी रेखांकित किया गया।
स्थानीय प्रतिभा का राष्ट्रीय स्तर पर गौरव
इस महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके लेखक और निर्देशक गुलशन कुमार कावड़े नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा के निवासी हैं। यह जिले के लिए गर्व का विषय है कि इस नाटक की प्रस्तुति भविष्य में न केवल देशभर में, बल्कि विदेशों में भी प्रस्तावित है। नाटक का संगीत निर्देशन शाहिर प्रसाद विभूते और संयोजन सचिन मलैया द्वारा किया गया।
मुख्य अतिथि और गणमान्य उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया उपस्थित रहीं। साथ ही नगरपालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव, सह प्रांत प्रचारक सुरेंद्र सिंह, विभाग प्रचारक नरेंद्र यादव, संस्कार भारती के कृष्ण गोपाल पाठक, विभाग कार्यवाह देवी सिंह मीणा, विभाग संपर्क प्रमुख अतुल सेठा, जिला सह कार्यवाह योगेश पवार, नगर कार्यवाह विकेश राजपूत, विभाग प्रचार प्रमुख संतोष नौरिया, दुर्गा भदौरिया, चित्रा हरणे, आरती शर्मा, डॉ. हर्षल कावरे, आशीष चटर्जी और कार्यक्रम प्रबंधक अभिषेक सैनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
प्रमुख कलाकार और भूमिकाएं
मंच पर विभिन्न ऐतिहासिक पात्रों को जीवंत करने वाले कलाकारों में शामिल रहे:
डॉ. हेडगेवार: भारत सिंह बमनेले (युवा), विशाल चतुर्वेदी (वृद्ध), विदित कौरव (बचपन)।
महात्मा गांधी: गोपाल लेले।
सुभाष चंद्र बोस: महेंद्र शुक्रवारे।
गुरु गोलवलकर: केशव केशवाल।
अन्य पात्र: संजय शुक्रवारिया (सूत्रधार), शिविका कटेरिया (रेवती हेडगेवार), नितिन प्रेमनाथ (बालासाहब देवरस), राकेश श्रीवास्तव (अप्पा जोशी), अरुण ओझा, रूपेश श्रीवास्तव, विवेक लोधी, सोनू सांगडे और सहायक टीम।
नाटक के अंत में दर्शकों ने खड़े होकर कलाकारों का अभिवादन किया। यह प्रस्तुति राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा और डॉ. हेडगेवार के जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनी।











