घोड़ाडोंगरी में आदिवासी किसानों ने निकाली हरियाली रैली: 5 हजार फलदार पौधों की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
- Aug 2
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श्रमिक आदिवासी संगठन और समाजवादी जन परिषद ने शासन से निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराने तथा आमजन से बीज और प्लास्टिक थैलियां दान करने की अपील की
घोड़ाडोंगरी:
पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर फलदार पौधरोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'श्रमिक आदिवासी संगठन' और 'समाजवादी जन परिषद' का हरियाली जनजागरण अभियान शुक्रवार को घोड़ाडोंगरी पहुंचा। अभियान के तहत क्षेत्र में एक विशाल हरियाली रैली निकाली गई, जिसके उपरांत संगठन के कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने पुलिस चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र के लिए 5 हजार फलदार पौधे उपलब्ध कराने की मांग की।

इस रैली में सेकलाल, राजू, प्रेमलाल, हरेलाल, गुड्डू, मंगलू, राजेन्द्र गढवाल, सोनू सहित बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पर्यावरण संवर्द्धन का संदेश दिया।
पर्यावरण और रोजगार का साझा समाधान
रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने बाजार क्षेत्र में भ्रमण करते हुए आमजन से अधिक से अधिक फलदार और छायादार पौधे लगाने की अपील की। संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्तमान में देश के सामने बिगड़ता पर्यावरण, घटता जलस्तर, बढ़ती गर्मी और बेरोजगारी सबसे गंभीर चुनौतियां हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान व्यापक स्तर पर फलदार पौधरोपण के माध्यम से ही संभव है।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समाज के जननायकों—वीर गंजनसिंह, विष्णुसिंग, मोकमसिंग और जंगूसिंग के ऐतिहासिक संघर्षों का स्मरण करते हुए जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया।
22 वर्षों से निरंतर जारी है हरियाली अभियान
संगठन के अनुसार, श्रमिक आदिवासी संगठन और समाजवादी जन परिषद पिछले 22 वर्षों से बैतूल और हरदा जिलों में निरंतर हरियाली अभियान चला रहे हैं।
उपलब्धि: इस अभियान के माध्यम से अब तक विभिन्न गांवों में 50 हजार से अधिक फलदार पौधे लगाए जा चुके हैं।
दूरगामी लाभ: खाली पड़ी जमीनों पर फलदार पौधे लगाकर उनका उचित संरक्षण किया जाए, तो आगामी कुछ वर्षों में ग्रामीणों को फल, छाया और भू-जल स्तर में सुधार का सीधा लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त, फल प्रसंस्करणीय (Fruit Processing) कुटीर उद्योगों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।
शासन और समाज से सहयोग का आह्वान
संगठन ने दो स्तरों पर सहयोग की मांग रखी है:
शासन-प्रशासन से: ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क फलदार पौधे उपलब्ध कराए जाएं तथा रोपे गए पौधों का नियमित सरकारी रिकॉर्ड रखा जाए।
आम जनता से: दैनिक उपयोग में आने वाली एक और दो किलो की प्लास्टिक थैलियां (किराना सामग्री की) फेंकने के बजाय संभाल कर रखी जाएं और फलों के बीजों को एकत्र कर संगठन को उपलब्ध कराया जाए, ताकि नर्सरी में नए पौधे तैयार कर आगामी मानसून में गांवों में लगाए जा सकें।
अगला पड़ाव: शाहपुर (8 अगस्त)
अभियान के समन्वयकों ने बताया कि हरियाली जनजागरण अभियान के तहत बैतूल, कायदा (हरदा), चिरापाटला, चिचोली और घोड़ाडोंगरी में सफल कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इस श्रृंखला का अगला चरण 8 अगस्त को शाहपुर में आयोजित किया जाएगा।
इस अभियान का नेतृत्व राजेन्द्र गढ़वाल, रविशंकर, संजय आर्य, रामदीन, फुलबतीबाई, सेकलाल और लक्ष्मण सहित संगठन के अन्य सक्रिय कार्यकर्ता कर रहे हैं।











