शिक्षा का उजियारा, जनजातीय गौरव का सहारा: स्वतंत्रता दिवस पर हमारा संकल्प, The light of education, the pillar of tribal pride, Our pledge on Independence Day
- Aug 14
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स्वतंत्रता दिवस के पावन एवं ऐतिहासिक अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित समस्त विद्यालयों, छात्र-छात्राओं, कर्मठ शिक्षकों एवं विभागीय परिवार को हार्दिक शुभकामनाएं!

15 अगस्त का यह पावन दिन हमें देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों की याद दिलाता है। जब हम आजादी के इस महापर्व को मनाते हैं, तो हमारे मन में भगवान बिरसा मुंडा, अमर शहीद टंट्या भील, रानी दुर्गावती और शंकर शाह-रघुनाथ शाह जैसे महान जनजातीय जननायकों का स्मरण स्वतः ही हो जाता है। इन महापुरुषों ने न केवल देश की स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया, बल्कि स्वाभिमान से जीने का मार्ग भी दिखाया। आज उनकी इसी गौरवमयी विरासत को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम है—शिक्षा।
ज्ञान के नए आयाम छूते जनजातीय विद्यालय
सच्ची स्वतंत्रता तब तक अधूरी है, जब तक समाज के अंतिम छोर पर बैठे हमारे जनजातीय भाई-बहनों तक उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा न पहुँचे। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित विद्यालय (जैसे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कन्या शिक्षा परिसर और विभागीय उत्कृष्ट स्कूल) आज केवल शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि वे हमारे बच्चों के सपनों को पंख देने वाले 'सफलता के आधुनिक मंदिर' बन चुके हैं।
आज सुदूर अंचलों से आने वाले हमारे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं न केवल शिक्षा, बल्कि खेलकूद, कला, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। आईआईटी (IIT), नीट (NEET) और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हमारे बच्चों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और सही मार्गदर्शन मिले, तो हमारे बच्चे किसी से कम नहीं हैं।
शिक्षकों का समर्पण: राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव
इस राष्ट्रीय पर्व पर हम विभाग के उन सभी समर्पित शिक्षकों और प्राचार्यों के अथक परिश्रम को नमन करते हैं, जो सुदूर ग्रामीण और वनांचलों में रहकर देश के भविष्य को गढ़ रहे हैं। आपका यह योगदान किसी स्वतंत्रता संग्राम से कम नहीं है, क्योंकि आप अज्ञानता के अंधेरे को मिटाकर ज्ञान का नया सवेरा ला रहे हैं। आपके मार्गदर्शन में ही प्रदेश का जनजातीय युवा आज स्वावलंबी, जागरूक और आत्मनिर्भर बन रहा है।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सब मिलकर यह संकल्प लें:
नियमित शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य: हम हर बच्चे को स्कूल से जोड़ेंगे और कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहेगा।
परंपरा और आधुनिकता का संगम: हम अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और भाषा पर गर्व करते हुए आधुनिक विज्ञान और तकनीक को अपनाएंगे।
आत्मनिर्भर और सशक्त युवा: हम अपनी प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भर भारत और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।
जब हमारे जनजातीय अंचल का हर बच्चा शिक्षित और समर्थ होगा, तभी हमारा देश सच्चे अर्थों में परम वैभव को प्राप्त करेगा। आइए, शिक्षा की इस मशाल को और तेज जलाएं।
"शिक्षित युवा, सशक्त जनजातीय समाज, गौरवशाली मध्यप्रदेश!"
जय हिन्द, जय भारत!

सौजन्य: जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश शासन (विध्यालय एवं छात्रावास)











