सूरतगढ़ की अनदेखी पर बरसे विधायक गेदर: बोले– ‘डबल इंजन सरकार विकास के मोर्चे पर पूरी तरह फेल’SuratgarhBudgetCritique, DoubleEnginePolitics, LocalDevelopmentIssues
- Feb 12
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सूरतगढ़। प्रदेश की वर्तमान सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को सूरतगढ़ विधायक डूंगर राम गेदर ने क्षेत्र की जनता के साथ 'छलावा' करार दिया है। विधायक गेदर ने कड़े शब्दों में सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार के विकास के दावे केवल कागजी हैं, जबकि जमीनी हकीकत में सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया गया है।

महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी से आक्रोश
विधायक ने कहा कि बजट में सूरतगढ़ की वर्षों पुरानी और जायज मांगों को सिरे से खारिज कर दिया गया है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। प्रमुख मुद्दे जिन पर सरकार मौन रही:
जिला बनाने की मांग: लंबे समय से उठ रही सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
शिक्षा क्षेत्र में निराशा: राजियासर, जैतसर और पालीवाला में नए कॉलेज तथा सूरतगढ़ में महिला कॉलेज की स्वीकृति नहीं मिली। राजकीय महाविद्यालय में पीजी संकाय शुरू करने की मांग भी अनसुनी कर दी गई।
प्रशासनिक विस्तार पर रोक: उपतहसील राजियासर और जैतसर को तहसील का दर्जा देने की मांग को दरकिनार कर दिया गया।
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किसान और युवा विरोधी बजट
विधायक गेदर ने आरोप लगाया कि यह सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले नहर के खालों के निर्माण के लिए बजट में कोई प्रावधान न होना इसका प्रमाण है। साथ ही, विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप पेश नहीं किया गया, जिससे युवाओं के हाथ फिर निराशा लगी है।
विकास की रफ्तार पर लगा ब्रेक
विधायक ने अपने बयान में कहा कि जनता को उम्मीद थी कि 'डबल इंजन' के दावे से विकास की गति बढ़ेगी, लेकिन बजट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार केवल विज्ञापनों तक सीमित है। उन्होंने चेतावनी दी कि सूरतगढ़ की इस उपेक्षा का जवाब जनता आने वाले समय में जरूर देगी।
"यह बजट प्रदेश और विशेषकर सूरतगढ़ के लिए पूरी तरह निराशाजनक है। सरकार ने किसानों, छात्रों और आम जनता की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया है।" — डूंगर राम गेदर, विधायक सूरतगढ़











