केंद्रीय बजट 2026: विधायक डूंगरराम गेदर ने बजट को बताया 'दिशाहीन' और 'जनविरोधी'BudgetCriticism, EconomicChallenges, RegionalNeglect
- Feb 2
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श्रीगंगानगर | 01 फ़रवरी 2026
सूरतगढ़ विधायक श्री डूंगरराम गेदर ने आज पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 की कड़ी आलोचना करते हुए इसे निराशाजनक करार दिया है। विधायक गेदर ने कहा कि यह बजट आम जनता, किसानों और युवाओं की उम्मीदों को कुचलने वाला है और इसमें भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए किसी ठोस विजन की कमी है।

महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार की चुप्पी
विधायक गेदर ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज देश बढ़ती महंगाई और गिरते रुपये जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। इसके साथ ही AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ऑटोमेशन के दौर में युवाओं के सामने रोजगार का बड़ा संकट खड़ा हो गया है, लेकिन बजट इन गंभीर विषयों पर पूरी तरह मौन है। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में आई गिरावट इस बात का प्रमाण है कि निवेशकों का भी इस बजट से भरोसा उठ गया है।
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राजस्थान और श्रीगंगानगर की अनदेखी का आरोप
श्री गेदर ने केंद्र सरकार पर राजस्थान के साथ 'सौतेला व्यवहार' करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूरे बजट भाषण में राजस्थान का नाम तक न लिया जाना राज्य की जनता का अपमान है। विशेष रूप से श्रीगंगानगर जिले की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि और सीमावर्ती सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण होने के बावजूद इस क्षेत्र के लिए किसी विशेष पैकेज की घोषणा नहीं की गई।
प्रमुख उपेक्षित माँगें:
विधायक ने राजस्थान की तीन प्रमुख मांगों की अनदेखी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया:
ERCP: पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा न मिलना।
पेयजल संकट: रेगिस्तानी क्षेत्रों के लिए जल जीवन मिशन में कोई विशेष ग्रांट नहीं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर: प्रदेश के प्रस्तावित 9 एक्सप्रेस-वे को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं।
निष्कर्ष: विधायक डूंगरराम गेदर ने अंत में केंद्र सरकार से मांग की कि वह भेदभाव की राजनीति छोड़ कर समावेशी विकास पर ध्यान दे। उन्होंने इस बजट को राजस्थान और गंगानगर की जनता के साथ एक बड़ा 'धोखा' करार दिया है।











