पत्रकारों की सुरक्षा, संगठन विस्तार और कल्याण पर मंथन: शहडोल में पत्रकार कल्याण परिषद की संभागीय बैठक संपन्न Press Freedom, Journalism Ethics, Organizational Strategies
- Jun 8
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शहडोल। पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज और लोकतंत्र के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। बदलते समय में मीडिया जगत के सामने खड़ी चुनौतियों, पत्रकारों के हितों की रक्षा और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से पत्रकार कल्याण परिषद की संभागीय बैठक का आयोजन किया गया।
रविवार को प्रात: 11 बजे शहडोल के उच्च विश्राम गृह में आयोजित इस बैठक में शहडोल संभाग के साथ-साथ सतना, उमरिया और अनूपपुर जिलों के पदाधिकारी और पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए।

बैठक के मुख्य बिंदु और रणनीति
बैठक में संगठन विस्तार कार्यक्रम-2026 को लेकर एक विशेष रोडमैप तैयार किया गया। उपस्थित वक्ताओं और पदाधिकारियों ने संगठन को गांव, कस्बे और जिला स्तर तक प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित सुझाव और कार्ययोजना पर चर्चा की:
व्यापक सदस्यता अभियान: संगठन की ताकत बढ़ाने के लिए ग्रामीण और ब्लॉक स्तर पर नए पत्रकारों को जोड़ने के लिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
नियमित समीक्षा बैठकें: जिला और ब्लॉक स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि स्थानीय पत्रकारों की समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।
विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम: डिजिटल मीडिया के दौर में पत्रकारों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने, फैक्ट चेकिंग (Fact Checking) और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
शासन स्तर पर प्रयास: परिषद आने वाले समय में पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा, बीमा, स्वास्थ्य सुविधाओं और पत्रकार सुरक्षा कानून जैसे मुद्दों को लेकर शासन स्तर पर लगातार पैरवी करेगी।
'तथ्यों का सत्यापन और आचार संहिता का पालन जरूरी': राष्ट्रीय अध्यक्ष
बैठक को संबोधित करते हुए पत्रकार कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेदांती त्रिपाठी ने बदलते मीडिया परिवेश और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर विचार रखे। उन्होंने कहा:
"वर्तमान समय पत्रकारिता के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण है। किसी भी समाचार के प्रकाशन या प्रसारण से पूर्व तथ्यों का गहन परीक्षण और सत्यापन आवश्यक है। अपुष्ट जानकारी विश्वसनीयता को प्रभावित करती है। पत्रकारों को कानून, मीडिया आचार संहिता और पेशेवर नैतिकता का पालन करते हुए ही कार्य करना चाहिए।"
उन्होंने पत्रकारों को सुझाव दिया कि किसी भी संवेदनशील विषय पर रिपोर्टिंग करते समय सभी पक्षों का मत (वर्जन) अवश्य लें और अपने आवश्यक दस्तावेजों को सुरक्षित रखें।
सांसद हिमाद्रि सिंह से सौजन्य मुलाकात
बैठक के उपरांत पत्रकार कल्याण परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने शहडोल सांसद श्रीमती हिमाद्रि सिंह से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और क्षेत्र के मीडियाकर्मियों की सुरक्षा, सुविधाओं और हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
सांसद हिमाद्रि सिंह ने पत्रकारों की भूमिका को सराहते हुए कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों की समस्याओं और उनके हितों से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।Press Freedom, Journalism Ethics, Organizational Strategies

वरिष्ठ पत्रकार विश्वास हलवाई का हुआ सम्मान
इस संभागीय बैठक में एक गरिमामयी पल वह आया जब वरिष्ठ पत्रकार विश्वास हलवाई को मध्य प्रदेश शासन से अधिमान्यता (Accreditation) प्राप्त होने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष बेदांती त्रिपाठी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेश तिवारी, संभागीय अध्यक्ष विजय प्रकाश गौतम और जिला अध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी ने उन्हें माल्यार्पण कर बधाई दी। वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मान पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान की आधिकारिक मान्यता है।
इसके साथ ही, संगठन विस्तार अभियान के तहत नई पीढ़ी के पत्रकारों को जोड़ते हुए श्रद्धा शर्मा और हर्षित द्विवेदी का माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।
बैठक में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में पत्रकारिता जगत के कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
प्रमुख पदाधिकारी: राष्ट्रीय अध्यक्ष बेदांती त्रिपाठी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महेश तिवारी, संभागीय अध्यक्ष विजय प्रकाश गौतम, जिला अध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी, संभागीय उपाध्यक्ष मनोज गुप्ता।
जिला अध्यक्ष: अनूपपुर जिला अध्यक्ष मृगेन्द्र सिंह, उमरिया जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा, सतीश बाबा (सतना)।
वरिष्ठ पत्रकार एवं सदस्य: अर्जुन उरमलिया, वीरेन्द्र प्रताप सिंह, सुनील मिश्रा, अरुण त्रिपाठी, चन्द्र प्रकाश वर्मा, मुकेश आसवानी, महेश कुशवाहा, राहुल मिश्रा, मनीष शुक्ला, राजा मिश्रा, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, नीरज द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी।
निष्कर्ष:
शहडोल में आयोजित यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर, पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की चुनौतियों पर गंभीर विमर्श का एक प्रभावी मंच साबित हुई। संगठन विस्तार-2026 की यह रणनीति आने वाले समय में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।











