टोंकखुर्द पटाखा फैक्ट्री विस्फोट: राज्य सरकार की बड़ी कार्रवाई; एसडीएम और एसडीओपी समेत 4 अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित SafetyNegligence, AdministrativeAccountability, LegalActionTaken
- May 18
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भोपाल / देवास: देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम टोंककला स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आगजनी के मामले में राज्य सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। निरीक्षण और निगरानी में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस और राजस्व विभाग के चार जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शासन ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और उदासीनता माना है।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज
विस्फोटक सामग्री से संबंधित मामलों में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशासनिक निरीक्षण न करने और वरिष्ठ कार्यालयों को रिपोर्ट न भेजने पर गृह विभाग और संभाग आयुक्त द्वारा निम्नलिखित कार्रवाई की गई है:
दीपा मांडे (अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस - सोनकच्छ, देवास): उज्जैन संभाग आयुक्त के प्रतिवेदन और पुलिस महानिदेशक (DGP) की अनुशंसा पर गृह विभाग ने दीपा मांडे को निलंबित किया है। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, भोपाल निर्धारित किया गया है।
संजीव सक्सेना (एसडीएम, टोंकखुर्द): संभाग आयुक्त आशीष सिंह द्वारा इन्हें प्रशासनिक निरीक्षण और निगरानी में गंभीर लापरवाही का दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। इनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, देवास रहेगा।
रवि शर्मा (नाइब तहसीलदार, टप्पा चिडावद): निर्धारित मानकों के अनुरूप दायित्वों का निर्वाह न करने पर संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने इन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनका मुख्यालय भी कलेक्टर कार्यालय, देवास तय किया गया है।
रणदीप डुंडल (चौकी प्रभारी, टोंककला): देवास पुलिस अधीक्षक (SP) ने आसूचना संकलन में कमी, सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी और वरिष्ठ कार्यालय को जानकारी न देने के आरोप में चौकी प्रभारी को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पुलिस लाइन देवास रहेगा।
SafetyNegligence, AdministrativeAccountability, LegalActionTaken
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
घटना के बाद हुई प्रारंभिक जांच में पटाखा फैक्ट्री के संचालन को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
फैक्ट्री में सुरक्षा संबंधी आवश्यक पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
नियमों को ताक पर रखकर निर्धारित मात्रा से कहीं अधिक विस्फोटक सामग्री का भंडारण किया गया था।
जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय-समय पर शासन के निर्देशों के तहत अनिवार्य निरीक्षण नहीं किए गए और न ही इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालयों को भेजी गई।
नियमों के तहत की गई कार्रवाई
निलंबित किए गए सभी अधिकारियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई है। नियम लागू होने के कारण निलंबन की इस अवधि के दौरान सभी अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।











