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वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा: सचिव (डीएफएस) ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक RuralBankingServices, PMJDYInitiatives, DigitalBankingExpansion

Apr 30
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नई दिल्ली | 29 अप्रैल, 2026(COURTESY PIB)

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव श्री एम. नागराजू ने आज नई दिल्ली में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) के प्रमुखों और प्रमुख निजी क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकार की प्रमुख वित्तीय समावेशन योजनाओं की प्रगति का विश्लेषण करना और भविष्य की रूपरेखा तैयार करना था।

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प्रमुख योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

बैठक के दौरान सचिव ने विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं की बैंक-वार प्रगति की समीक्षा की, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)

  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

  • अटल पेंशन योजना (APY)

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)

  • पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi)

  • पीएम विश्वकर्मा और पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना

बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार और अंतिम छोर तक पहुँच

श्री नागराजू ने बैंकिंग सुविधाओं से वंचित गांवों, विशेषकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में बैंकों की भौतिक शाखाएं (Brick & Mortar Branches) खोलने की प्रगति पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि:

  1. नेटवर्क बाधाएं: यदि बुनियादी ढांचे या कनेक्टिविटी से संबंधित कोई समस्या है, तो बैंक राज्य सरकारों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) के साथ मिलकर उनका समाधान करें।

  2. बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट: दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट्स की तैनाती में तेजी लाई जाए।

  3. डिजिटल और क्षेत्रीय भाषा: बैंकिंग सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे को क्षेत्रीय भाषाओं (Vernacular Languages) में उपलब्ध कराया जाए।

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मुद्रा योजना की सफलता और उद्यमिता पर जोर

सचिव ने मुद्रा (MUDRA) योजना की वैश्विक स्तर पर सराहना करते हुए इसे वित्तीय समावेशन का एक सफल स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऋण के अनौपचारिक स्रोतों पर निर्भरता कम की है और लोगों को नए व्यवसाय शुरू करने के लिए सशक्त बनाया है।

निजी बैंकों की भूमिका और भविष्य के लक्ष्य

श्री नागराजू ने निजी क्षेत्र के बैंकों से आह्वान किया कि वे समाज के हाशिए पर रहने वाले वर्गों की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करने की दिशा में और अधिक समर्पित होकर कार्य करें। उन्होंने निजी बैंकों को एसएलबीसी (SLBC) और जिला स्तरीय समितियों (DCC/DLCC) जैसी बैठकों में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक के समापन पर वित्त वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से प्राप्त करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई। सचिव ने स्पष्ट किया कि वित्तीय समावेशन के दायरे में अधिक से अधिक लोगों को लाना बैंकों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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