NHRC की बड़ी कार्रवाई: पालघर में खदान माफिया के हमले में एक्टिविस्ट की मौत और हैदराबाद में पर्यावरण कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सुओ मोटोPoliticalActivism, HumanRightsViolations, NHRCIntervention
- May 21
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नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दो अलग-अलग राज्यों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतः (सुओ मोटो) संज्ञान लिया है। आयोग ने महाराष्ट्र के पालघर में अवैध खदान के निरीक्षण के दौरान हुए जानलेवा हमले और तेलंगाना के हैदराबाद में पर्यावरण कार्यकर्ताओं की मनमानी गिरफ्तारी को लेकर संबंधित राज्यों के पुलिस महानिदेशकों (DGPs) और जिला मजिस्ट्रेटों (DMs) को नोटिस जारी कर दो हफ्ते के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
1. महाराष्ट्र (पालघर): अवैध खदान के निरीक्षण पर गए एक्टिविस्ट की हत्या, अधिकारी घायल
पालघर जिले के विरार ईस्ट (शिरगांव) में 12 मई 2026 को एक सरकारी पोर्टल पर मिली शिकायत के बाद अवैध पत्थर खदान का निरीक्षण करने पहुंचे एक राजनीतिक कार्यकर्ता और मंडल राजस्व अधिकारी (MRO) पर खदान संचालकों के लोगों ने लाठियों और पत्थरों से बर्बर हमला किया।
असर: इस हमले में कार्यकर्ता की मौत हो गई, जबकि एमआरओ (MRO) गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने उनकी गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।
NHRC का एक्शन: आयोग ने महाराष्ट्र के DGP और पालघर के DM को नोटिस जारी कर मामले की जांच की वर्तमान स्थिति और घायल अधिकारी के स्वास्थ्य पर दो सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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2. तेलंगाना (हैदराबाद): पेड़ काटने का विरोध कर रहे पर्यावरण कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
हैदराबाद के कासु ब्रह्मानंद रेड्डी (KBR) नेशनल पार्क के पास पेड़ काटे जाने का विरोध कर रहे पांच पर्यावरण कार्यकर्ताओं को 13 मई 2026 को पुलिस द्वारा मनमाने ढंग से गिरफ्तार करने और कई घंटों तक थाने में हिरासत में रखने का मामला सामने आया है।
असर: पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गलत तरीके से रोकने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने जैसी धाराओं में FIR दर्ज की, जिसके बाद उन्हें जमानत पर रिहा किया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक वॉलंटियर को हिरासत में लेने के बाद, जब चार अन्य कार्यकर्ता उसके बारे में पूछताछ करने थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया।
NHRC का एक्शन: आयोग ने इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हुए तेलंगाना के DGP और हैदराबाद के DM को नोटिस जारी कर दो हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
कड़ा संदेश: दोनों ही मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने साफ किया है कि यदि मीडिया में आई ये खबरें सच हैं, तो यह नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा का गंभीर हनन है। प्रशासन को तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।











