ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक: NCB ने मुंबई में पकड़ी 1745 करोड़ की कोकीन, अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ DrugTrafficking, NarcoticsControl, LawEnforcement
- May 2
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नई दिल्ली/मुंबई। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने 'ऑपरेशन व्हाइट स्ट्राइक' के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम देते हुए एक अंतरराष्ट्रीय कोकीन तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। एजेंसी ने मुंबई और आसपास के इलाकों से लगभग 349 किलोग्राम हाई-ग्रेड कोकीन जब्त की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 1,745 करोड़ रुपये है।
गृह मंत्री अमित शाह ने इस ऐतिहासिक सफलता के लिए एनसीबी की टीम को बधाई देते हुए कहा कि सरकार मादक पदार्थों के नेटवर्क को बेरहमी से कुचलने के लिए संकल्पित है।
6 महीने की निगरानी और 'बॉटम टू टॉप' अप्रोच
यह ऑपरेशन पिछले 6 महीनों से चल रही खुफिया जानकारी और निगरानी का परिणाम था। एनसीबी ने इस मामले में 'बॉटम टू टॉप' दृष्टिकोण अपनाया, जिसमें एक छोटी खेप का पीछा करते हुए एजेंसी इस विशाल नेटवर्क तक पहुंचने में सफल रही। यह कार्यवाही नवी मुंबई के कलंबोली और ठाणे के भिवंडी कॉरिडोर में की गई।
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दो चरणों में हुई बड़ी बरामदगी
कलंबोली (नवी मुंबई): पहली स्ट्राइक में एनसीबी ने कलंबोली वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स के पास एक वाहन को रोका। तलाशी के दौरान क्रिकेट पैड्स और ग्लव्स के डिब्बों में छिपाई गई 136 किलोग्राम कोकीन बरामद हुई। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
भिवंडी (ठाणे): गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद एनसीबी ने भिवंडी के एक गोदाम में छापेमारी की। यहाँ से 213 किलोग्राम कोकीन की एक और बड़ी खेप बरामद की गई।
मशीनरी के अंदर छिपाया था ड्रग्स
जांच में पता चला कि ड्रग्स को भारत में आयात की गई भारी मशीनों के अंदर विशेष कैविटी (खांचे) बनाकर छिपाया गया था। तस्करी को सुरक्षित बनाने के लिए प्रत्येक पैकेट को पॉलीथीन की 9 परतों में लपेटा गया था और उस पर काले रंग का ग्रीस जैसा पदार्थ लगाया गया था ताकि इसे पकड़ा न जा सके।
बड़ी उपलब्धि: साल भर की बरामदगी एक साथ
भारत में औसतन हर साल 200 से 300 किलोग्राम कोकीन जब्त की जाती है, लेकिन इस एक अकेले ऑपरेशन में ही 349 किलोग्राम कोकीन का मिलना एक बड़ी उपलब्धि है। फिलहाल एनसीबी इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना, फाइनेंसर्स और इसके पीछे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
यह कार्यवाही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नशीली दवाओं के खिलाफ सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दर्शाती है।











