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ओंकारेश्वर में प्रदेश मवासी ठाकुर विकास समिति का 23वां स्थापना दिवस संपन्न; जांबाज बालकों, गोताखोरों और सफाईकर्मियों का हुआ भव्य सम्मान SocialJusticeInitiatives, GrassrootsLeadership, YouthInvolvement

  • Jul 2
  • 2 min read

ओंकारेश्वर (खंडवा)। प्रदेश मवासी ठाकुर विकास समिति, मध्य प्रदेश का 23वां स्थापना दिवस कार्यक्रम 30 जून 2026, दिन मंगलवार को तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर स्थित आदिवासी धर्मशाला में बेहद गरिमामय और भव्य तरीके से संपन्न हुआ। इस गौरवशाली अवसर पर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई जिलों से आए हजारों सामाजिक कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का हुजूम उमड़ा।

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गरिमामय मंच और अतिथिगण

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश मवासी ठाकुर विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश भूस्वारे द्वारा की गई।

  • मुख्य अतिथि: बृजलाल ठाकरे

  • विशिष्ट अतिथि: माननीय सुथार सिंह

  • मंच पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तित्व:

    • जसपाल सिंह कोरकू (प्रदेश अध्यक्ष, कर्मचारी संघ)

    • ओमप्रकाश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, किसान मोर्चा)

    • सुरेंद्र भूसरिया (राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश मवासी ठाकुर विकास समिति)

    • भीम सिंह सोलंकी (प्रदेश अध्यक्ष, युवा मोर्चा)

    • भीम सिंह गुर्जर (प्रचार मंत्री, प्रदेश मवासी ठाकुर विकास समिति)

    • पूज्य साध बाबा सिंगाजी

    • आचार्य केवल राम बरсе (राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष)

    • शांतिलाल घोड़े (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष)

कार्यक्रम का अत्यंत कुशल और सफल मंच संचालन प्रसिद्ध समाज सेवक भाई अर्जुन खंडेल द्वारा किया गया।

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बहादुरी और अनवरत सेवा की अनूठी मिसाल: जांबाजों का सम्मान

स्थापना दिवस के इस पावन अवसर पर समिति द्वारा उन नौजवानों और निरंतर सेवा देने वाले कर्मवीरों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा की:

  • 14 वर्षीय हेमेंद्र केवट (अदम्य साहस): इतनी छोटी सी उम्र में मां नर्मदा की लहरों के बीच से लगभग 20-20 श्रद्धालुओं की जान बचाने वाले इस बहादुर बालक को मंच से विशेष सम्मान पत्र देकर सराहा गया।

  • भाई महेश केवट (संकटमोचक): ओंकारेश्वर बांध का पानी अचानक छोड़े जाने के कारण नदी में फंसे करीब 40 व्यक्तियों की जान सुरक्षित बचाने के लिए उन्हें विशेष तौर पर सम्मानित किया गया।

  • सफाई कर्मचारियों का सम्मान: तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में कई वर्षों से बिना थके अपनी सेवाएं दे रहे सफाई कर्मियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान पत्र भेंट किया गया। इसके साथ ही निरंतर जनसेवा करने वाले अन्य विभागों के कर्मचारियों को भी मंच से सम्मानित किया गया।

दबे-कुचले और पिछड़े वर्ग के उत्थान का संकल्प

मंच से बोलते हुए मुख्य वक्ताओं ने समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के विकास को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. शिक्षा और रोजगार: समाज में शिक्षा का स्तर सुधारने और बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

  2. पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति और पर्यावरण को बचाने के लिए हर नागरिक को आगे आना होगा।

  3. शासकीय योजनाओं का लाभ: हर समाज के दबे, कुचले और पिछड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाएं और शासकीय सेवाएं अनिवार्य रूप से पहुंचे, ताकि उनका सामाजिक और आर्थिक उत्थान हो सके।

देश और प्रदेश के कई जिलों से जुटे कार्यकर्ता

इस भव्य कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, धार, खरगोन, देवास, बड़वानी, बैतूल, भिंड के साथ-साथ पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी, मातृशक्ति और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आभार प्रदर्शन: कार्यक्रम के सफल आयोजन के अंत में सभी अतिथियों, आगंतुकों और कार्यकर्ताओं का आभार प्रदेश अध्यक्ष (युवा मोर्चा) भीम सिंह सोलंकी द्वारा व्यक्त किया गया।

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