मुख्यमंत्री के बयान के विरोध में शाहपुर कांग्रेस ने किया रामधुन और हनुमान चालीसा का पाठ, अंदरूनी सियासत और कम संख्या बल भी आया सामने CongressLeadership, PoliticalProtestMP, PeacefulProtest
- Jun 2
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आशीष राठौर (EDITORIAL)
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के संबंध में की गई टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इसी कड़ी में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी शाहपुर एवं नगर कांग्रेस कमेटी शाहपुर के कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप "रघुपति राघव राजा राम" रामधुन का गायन किया और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ कर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या शीर्ष पदाधिकारी के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग उचित नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने बयान पर पुनर्विचार करने और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की मांग की।

Ground Reality: स्थानीय मुद्दों पर बचते नजर आए ब्लॉक अध्यक्ष
प्रदर्शन के दौरान जब मीडिया ने ग्राउंड पर जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से चर्चा की, तो संगठन के अंदर की झिझक भी सामने आई। घोड़ाडोंगरी के स्थानीय भाजपा विधायक के व्हाट्सएप ग्रुप में जीतू पटवारी के खिलाफ शेयर किए गए एक मैसेज को लेकर जब ब्लॉक अध्यक्ष पहलवान सिंह ठाकुर से सवाल किया गया, तो वे इस पर खुलकर कुछ भी बोलने से बचते दिखे।
पहले उन्होंने कहा कि "हम इसका जवाब देंगे," लेकिन जब पत्रकार ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वह मैसेज खुद देखा है, तो ब्लॉक अध्यक्ष ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि, "मैं उस व्हाट्सएप ग्रुप में नहीं हूं, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह सकता।"
क्या था वो वायरल मैसेज? विधायक के ग्रुप में शेयर किए गए मैसेज में लिखा था कि, "जीतू पटवारी प्रतिदिन राजनीतिक मर्यादाओं की सीमाएं लांघ रहे हैं और अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में एमपी सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है, जो कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है। दूसरों पर उंगली उठाने से पहले पटवारी जी को अपने आचरण पर संयम रखना चाहिए।"
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संख्या बल ने खोली पोल: 18-20 कांग्रेसी और तैनात रही भारी पुलिस फोर्स
इस प्रदर्शन के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया, जो वर्तमान में कांग्रेस की जमीनी स्थिति और प्रशासन के दबाव को बयां करता है। पूरे प्रदर्शन में केवल 18 से 20 कांग्रेसी ही मौजूद थे (जिनमें दो महिलाएं शामिल थीं)। वहीं दूसरी ओर, उन्हें रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से 12-15 पुलिसकर्मी, सहायक कर्मी और एक फायर ब्रिगेड तक तैनात की गई थी। इतने कम कार्यकर्ताओं के लिए भारी सुरक्षा बल की तैनाती चर्चा का विषय बनी रही।
नगर अध्यक्ष रिंकू वर्मा ने तीखे तेवरों में सरकार को घेरा
जहां एक तरफ ब्लॉक अध्यक्ष सवालों से बचते दिखे, वहीं दूसरी तरफ नगर अध्यक्ष उपेंद्र (रिंकू) वर्मा ने मोर्चा संभाला और खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने शांतपूर्ण आंदोलन के बीच तीखे तेवर अपनाते हुए क्षेत्र में बढ़ रहे भ्रष्टाचार से लेकर संगीन अपराधों के खिलाफ शासन और प्रशासन की नाकामी पर जमकर भड़ास निकाली।
ये कार्यकर्ता रहे उपस्थित
इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से पहलवान सिंह ठाकुर, रूपलाल यादव, संतोष सरातकर, धर्मेंद्र शुक्ला, रिंकू वर्मा, विशाल चौरे, आयुष शुक्ला, आशीष परसाई, संतोष चौरे, रिदम वर्मा, पिंटा वर्मा, सेवक किर, अमित तिवारी, कविता बारस्कर, सरोज परते, सुदामा सुनारे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।











