top of page

भारत की तकनीकी संप्रभुता: IIT मद्रास में स्वदेशी 'सिलिकॉन फोटोनिक्स टेक्नोलॉजी' लॉन्च IndiaTechAdvancements, PhotonicsTechnology, SemiconductorInnovation

  • Apr 25
  • 2 min read

चेन्नई/नई दिल्ली(COURTESY PIB): भारत ने सेमीकंडक्टर और फोटोनिक्स के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने आईआईटी मद्रास में दो महत्वपूर्ण स्वदेशी तकनीकी समाधानों का शुभारंभ किया। ये समाधान हैं:

  1. सिलिकॉन फोटोनिक्स प्रोसेस डिज़ाइन किट (PDK) 2. यूनिवर्सल प्रोग्रामेबल फोटोनिक आईसी (PPIC) टेस्ट इंजन

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा प्रायोजित सीओई-सीपीपीआईसीएस (CoE-CPPICS) में विकसित यह तकनीक भारत के लिए 'सिलिकॉन फोटोनिक्स टेक्नोलॉजी सॉवरेंटी' (तकनीकी संप्रभुता) की दिशा में एक बड़ा कदम है।

IndiaTechAdvancements, PhotonicsTechnology, SemiconductorInnovation

अनुसंधान और विकास के लिए राष्ट्रीय सुविधा

यह पहल भारतीय फोटोनिक्स अनुसंधान एवं विकास समुदाय के लिए एक साझा राष्ट्रीय सुविधा के रूप में कार्य करेगी। इस अवसर पर इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के सीईओ अमितेश सिन्हा, आईआईटी मद्रास की डीओईई विभागाध्यक्ष प्रोफेसर शांति भट्टाचार्य और अन्य विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

IndiaTechAdvancements, PhotonicsTechnology, SemiconductorInnovation

तकनीक की मुख्य विशेषताएँ:

  • प्रोसेस डिज़ाइन किट (PDK): इसमें 50 से अधिक सत्यापित कंपोनेंट्स शामिल हैं। यह लाइब्रेरी उद्योगों, स्टार्टअप्स और रक्षा अनुसंधान संगठनों (DRDO) को उन्नत फोटोनिक आईसी (IC) विकसित करने में मदद करेगी।

  • यूनिवर्सल पीपीआईसी टेस्ट इंजन: यह विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए फोटोनिक और ऑप्टोइलेक्ट्रॉनिक मॉड्यूल का परीक्षण करने वाला एक अत्याधुनिक स्वचालित प्लेटफॉर्म है।

भविष्य की रूपरेखा: ISM 2.0 और सिलिकॉन फोटोनिक्स फैब

एस. कृष्णन ने कहा कि भारत अब सिलिकॉन फोटोनिक्स में वैश्विक स्तर की तकनीक के बराबर पहुँच रहा है। इसे और मजबूत करने के लिए भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 'सिलिकॉन फोटोनिक्स फैब' की स्थापना पर ध्यान दिया जाएगा।

अमितेश सिन्हा ने स्पष्ट किया कि यह तकनीक क्लासिकल और क्वांटम दोनों क्षेत्रों में उपयोगी है। ISM 2.0 के तहत उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर इसे और उन्नत किया जाएगा, जिससे भविष्य में एकीकृत पैकेजिंग सुविधाओं से लैस एक समर्पित फैब स्थापित किया जा सके।

अगला चरण

मुख्य अन्वेषक प्रोफेसर बिजय कृष्णा दास के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से यह केंद्र सिलिकॉन फोटोनिक्स एमपीडब्ल्यू (MPW) फैब्रिकेशन रन शुरू करेगा। साथ ही व्यापक परीक्षण और मॉड्यूल कैरेक्टराइजेशन की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।

साझेदार: इस परियोजना में सिलटेरा (मलेशिया) फाउंड्री पार्टनर के रूप में और बेंगलुरु स्थित इजमो माइक्रोसिस्टम्स पैकेजिंग पार्टनर के रूप में सहयोग कर रहे हैं।

Top Stories

1/15
bottom of page