भारत-वियतनाम संबंधों का नया स्वर्ण युग: 'उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी' पर लगी मुहर, सुरक्षा से लेकर व्यापार तक बड़े समझौते India-Vietnam Relations, Digital Payment Collaboration, Defense Partnerships
- May 6
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प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति तो लम की इस मुलाकात ने स्पष्ट कर दिया है कि वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट' पॉलिसी का सबसे मजबूत स्तंभ है। रिश्तों की गहराई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति बनने के एक महीने के भीतर ही तो लम ने भारत को चुना और अपनी यात्रा की शुरुआत बोधगया से की।
मुख्य रणनीतिक एवं आर्थिक परिणाम
नया व्यापार लक्ष्य: द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 16 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 2030 तक 25 बिलियन डॉलर पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
यूपीआई (UPI) का विस्तार: भारत का UPI और वियतनाम का फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही लिंक होंगे, जिससे पर्यटकों और व्यापारियों को भुगतान में आसानी होगी।
रक्षा क्षेत्र (Defense): रक्षा सहयोग को साझेदारी का मुख्य स्तंभ बताया गया। इसमें संयुक्त अभ्यास, रक्षा प्रणालियों की खरीद और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है।
कृषि निर्यात: अब भारतीय अंगूर और अनार वियतनाम जाएंगे, जबकि वियतनाम के डूरियन और पोमेलो फल भारत के बाजारों में दिखेंगे।
ऊर्जा और खनिज: क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ खनिज) के क्षेत्र में सहयोग के लिए महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।
India-Vietnam Relations, Digital Payment Collaboration, Defense Partnerships
हस्ताक्षरित प्रमुख समझौतों की सूची (MOUs)
कुल 13 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से प्रमुख ये हैं:
क्र. | क्षेत्र | विवरण |
1 | दुर्लभ खनिज | रेयर अर्थ एलिमेंट्स और उन्नत प्रौद्योगिकियों में पारस्परिक सहयोग। |
2 | डिजिटल भुगतान | RBI और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम के बीच भुगतान प्रणाली में नवाचार के लिए समझौता। |
3 | दवा एवं स्वास्थ्य | भारतीय दवाओं की वियतनाम में पहुँच बढ़ाने और चिकित्सा उत्पादों के विनियमन पर सहयोग। |
4 | डिजिटल टेक्नोलॉजी | IT और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मंत्रालयों के बीच समझौता। |
5 | विरासत संरक्षण | वियतनाम में भारतीय मूल की चाम पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और संरक्षण पर काम। |
6 | पर्यटन | दोनों देशों के बीच नागरिक संबंधों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2026-30 का प्लान। |
7 | शहरी सहयोग | मुंबई (BMC) और हो ची मिन्ह सिटी के बीच मैत्री और शहरी प्रबंधन साझा करने पर सहमति। |
साझा विरासत और सॉफ्ट पावर
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि बुद्ध की शिक्षाएँ दोनों देशों को जोड़ती हैं। पिछले साल जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए, तो वहां की 15% आबादी ने उनके दर्शन किए।
चम्पा सभ्यता: भारत वियतनाम के प्राचीन मी सॉन और न्हान टवर मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहा है।
नालंदा विश्वविद्यालय: शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए नालंदा विश्वविद्यालय और वियतनाम की राष्ट्रीय राजनीति अकादमी के बीच समझौता हुआ है।
वैश्विक और क्षेत्रीय दृष्टिकोण
दोनों नेताओं ने दक्षिण चीन सागर में शांति, स्थिरता और नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) पर जोर दिया। वियतनाम अब आधिकारिक तौर पर भारत की 'इंडो पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव' (IPOI) में शामिल हो गया है। साथ ही, वियतनाम ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए अपना समर्थन दोहराया।
प्रधानमंत्री मोदी का विजन: "जैसा कि बुद्ध ने कहा था- यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं, तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है। इसी भावना के साथ हम एक-दूसरे के लक्ष्यों को समर्थन देते हुए विकसित राष्ट्र बनेंगे।"
निष्कर्ष: यह यात्रा केवल कागजी समझौतों तक सीमित नहीं है; यह रक्षा, डिजिटल इकोनॉमी और सांस्कृतिक गौरव के संगम की एक नई शुरुआत है। 'साथ चलेंगे, साथ बढ़ेंगे और साथ जीतेंगे' का मंत्र अब धरातल पर उतरने को तैयार है।











