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बैतूल: सारणी वन परिक्षेत्र की नाकामी उजागर; CCF ने सीधे कमान संभाल भौंरा टीम से पकड़वाया अवैध सागौन से भरा ट्रैक्टर (IllegalLogging, ForestDepartmentAction, BetulForestCrimes)

  • Jun 11
  • 2 min read

उत्तर वन मंडल बैतूल के अंतर्गत वन अपराधों और कीमती लकड़ियों की तस्करी पर अंकुश लगाने के दावों के बीच एक बड़ा मामला सामने आया है। वन विभाग के संयुक्त अमले ने 9 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध सागौन का परिवहन कर रहे एक स्वराज ट्रैक्टर को जप्त किया है।

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हालांकि, इस कार्रवाई के पीछे की प्रशासनिक कहानी स्थानीय वन अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 9 जून 2026 को विभाग को पुख्ता सूचना मिली थी कि वन परिक्षेत्र सारणी के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुंडी में सागौन का अवैध परिवहन किया जा रहा है। संयुक्त वन अमले ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी संतोष, पिता मनीराम (निवासी कुंडी) के खेत पर दबिश दी। मौके से अवैध रूप से सागौन का परिवहन करते हुए एक स्वराज ट्रैक्टर को रंगे हाथों पकड़ा गया। जांच के दौरान ट्रैक्टर से सागौन के ९ नग लट्ठे बरामद किए गए, जिसका कुल पैमाना ०.७०५ घन मीटर आंका गया है। वन अमले ने ट्रैक्टर और अवैध लकड़ी को जप्त कर वन परिक्षेत्र भौंरा कार्यालय में सुरक्षित खड़ा करवा दिया है।


विशेषज्ञों का दावा: सारणी वन कार्यालय की नाकामी आई सामने इस पूरी कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला पहलू प्रशासनिक हस्तक्षेप का रहा। विभागीय मामलों के जानकारों और एक्सपर्ट्स की मानें तो यह कार्रवाई सारणी वन कार्यालय की घोर निष्क्रियता और नाकामी को उजागर करती है। लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय वन माफियाओं पर स्थानीय स्तर से अंकुश नहीं लग पा रहा था।

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यही कारण रहा कि सीसीएफ (CCF) बैतूल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे कमान अपने हाथों में ली। स्थानीय सारणी अमले पर भरोसा जताने के बजाय, सीसीएफ ने सीधे हस्तक्षेप करते हुए वन परिक्षेत्र भौंरा के अधिकारियों और स्टाफ को इस ऑपरेशन की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद भौंरा और सारणी के संयुक्त स्टाफ ने इस घेराबंदी को अंजाम दिया।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी: सीसीएफ के सीधे निर्देशन में हुई इस त्वरित कार्रवाई को धरातल पर उतारने में मूलशंकर परते (परिक्षेत्र सहायक, भौंरा), अमित कुमार मिश्रा (बीट प्रभारी, भौंरा), विनय तिवारी (बीट प्रभारी, हीरापुर) एवं सहयोगी वन स्टाफ की मुख्य भूमिका रही।

फिलहाल वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन अपराध के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद से जिले के वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और स्थानीय स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।

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