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बैतूल जिला समाचार: जल संरक्षण पर जोर और स्वास्थ्य सेवाओं का कड़ा रुख HealthCenterInspections, WaterConservationInitiatives, MaternalHealthPrograms

May 9
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बैतूल | 09 मई 2026

1. जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा: 31 मई तक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश

जिला पंचायत सभागार में शनिवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देशानुसार अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने “जल संचय जन भागीदारी” और “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत संचालित कार्यों का जायजा लिया।

  • डेडलाइन: सभी पंचायतों को 31 मई से पहले रिचार्ज पिट, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग और सोखपिट जैसे कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • प्राथमिकता: वर्षा जल संरक्षण, तालाबों का गहरीकरण, और पुराने कुओं-बावडियों के पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

  • डिजिटल मॉनिटरिंग: मनरेगा के तहत हो रहे कार्यों की ऑनलाइन एंट्री, फोटो और पोर्टल अपडेट करने में लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी गई है।

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2. स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण: लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने 8 मई को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बीजादेही, कुप्पा, बारजोरपुर और हांडीपानी केंद्रों की व्यवस्थाएं जाँची गईं।

  • हांडीपानी में कार्रवाई: निरीक्षण के दौरान एनएचडी (NCD) फॉलोअप में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

  • बीजादेही पीएचसी: निर्माणाधीन भवन को जल्द पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू हो सकें।

  • सराहना: बारजोरपुर केंद्र में टीकाकरण पंजी और दवाई स्टॉक का संधारण सही पाए जाने पर संतोष व्यक्त किया गया।

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3. प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान: 773 महिलाओं की जाँच

गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शनिवार को जिले भर में शिविरों का आयोजन किया गया।

  • प्रमुख आंकड़े: कुल 773 गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकीय जाँच की गई, जिनमें से 386 महिलाओं को 'हाई रिस्क' (HRP) के रूप में चिन्हित किया गया।

  • विशेष जाँच: शिविरों में 40 महिलाओं की सोनोग्राफी की गई और सभी की जीडीएम (GDM) व खून की जाँच संपन्न हुई।

  • ब्लॉकवार स्थिति: सेहरा (145 जाँच) और भीमपुर (149 जाँच) में सर्वाधिक महिलाओं का परीक्षण हुआ। जिला चिकित्सालय में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना धाकड़ ने 56 महिलाओं की जाँच कर 16 हाई रिस्क केस चिन्हित किए।

अभियान का लक्ष्य: प्रसव पूर्व जटिलताओं का समय पर पता लगाकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।

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