भारतीय न्यायपालिका का डिजिटल रूपांतरण: ई-न्यायालय मिशन मोड परियोजना eCourtsMission, DigitalJudiciary, LegalTechIndia
- Aug 7
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New Dehli:गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित ई-न्यायालय (e-Courts) मिशन मोड परियोजना ने भारत की पारंपरिक कागज़-आधारित न्याय व्यवस्था को एक डिजिटल, पारदर्शी और ट्रैक-योग्य प्रणाली में बदल दिया है। 2014 के बाद से मामलों के निपटान की दर में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है और अब तक 753 करोड़ से अधिक न्यायिक अभिलेखों (records) को डिजिटाइज़ किया जा चुका है।

ई-न्यायालय परियोजना के तीन प्रमुख चरण
चरण I (2011–2015): 14,000 से अधिक अदालतों का कम्प्यूटरीकरण और बुनियादी नेटवर्क अवसंरचना का निर्माण।
चरण II (2015–2023): नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (NJDG), ई-फाइलिंग और ई-सेवा (eSewa) केंद्रों की शुरुआत; वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं का 5 गुना विस्तार।
चरण III (2023–2027): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (OCR) और डेटा एनालिटिक्स के माध्यम से पूरी तरह से पेपरलेस, डिजिटल और 'स्मार्ट' अदालतों की स्थापना पर केंद्रित।eCourtsMission, DigitalJudiciary, LegalTechIndia
प्रमुख डिजिटल उपलब्धियां और आंकड़े (जून 2026 तक)
क्षेत्र / पहल | वर्तमान स्थिति एवं उपलब्धियां |
ई-फाइलिंग व ऑनलाइन भुगतान | ई-फाइलिंग पोर्टल पर 1.25 करोड़ से अधिक मामले दर्ज; ऑनलाइन कोर्ट फीस और जुर्माने के रूप में ₹1,479 करोड़ से अधिक का लेनदेन। |
वर्चुअल कोर्ट्स व सुनवाई | 4.18 करोड़ से अधिक वर्चुअल सुनवाइयां संपन्न; ट्रैफिक चालानों के ऑनलाइन निपटारे हेतु 31 वर्चुअल कोर्ट्स स्थापित (11.33 करोड़ चालान निपटाए गए)। |
ई-सेवा केंद्र (eSewa Kendras) | डिजिटल न्याय सेवाओं और सहायता के लिए देश भर में 2,584 eSewa केंद्र (49 उच्च न्यायालयों में, 2,535 जिला अदालतों में) क्रियाशील। |
पारदर्शिता (NJDG) | नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड डैशबोर्ड के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट्स और जिला न्यायालयों के लंबित व निपटाए गए मामलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग। |
स्मार्ट सेवाएं व ट्रैकिंग | प्रतिदिन 4 लाख से अधिक SMS और 6 लाख ई-मेल अलर्ट; 'e-Courts Services' ऐप के 3.84 करोड़ से अधिक डाउनलोड्स। |
आपराधिक न्याय प्रणाली (ICJS) का एकीकरण
क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) के तहत पुलिस, अदालत, जेल, अभियोजन और फोरेंसिक लैब को आपस में जोड़ा गया है। इसके अंतर्गत e-Sakshya (डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन), e-Summons, e-Prison, e-Forensic और Nyaya Shruti (आभासी गवाही व्यवस्था) जैसी प्रणालियां सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। eCourtsMission, DigitalJudiciary, LegalTechIndia
AI और मशीन लर्निंग का समावेश (Phase III)
₹7,210 करोड़ के कुल परियोजना बजट में से ₹53.57 करोड़ AI/ML विकास के लिए आरक्षित हैं।
LegRAA: न्यायाधीशों के लिए कानूनी शोध और दस्तावेज़ विश्लेषण उपकरण।
Digital Courts 2.1: न्यायाधीशों के लिए पेपरलेस केस मैनेजमेंट सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म।
eSCR अनुवाद (PANINI): 83,000 से अधिक अदालती निर्णयों का 18 क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद किया गया है।
स्वचालित त्रुटि पहचान: ई-फाइल्ड याचिकाओं में त्रुटियां (defects) फ्लैग करने के लिए IIT मद्रास द्वारा विकसित AI मॉडल का परीक्षण जारी।











