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ECINET का 'डिजिटल स्ट्राइक': विधानसभा चुनाव 2026 में 68 लाख साइबर हमले किए नाकाम, मतगणना के दिन मिनटों में बरसे करोड़ों हिट्स ECINET Innovations, Election Technology, Cybersecurity in Elections

  • May 6
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नई दिल्ली | 06 मई 2026

भारतीय लोकतंत्र के सबसे आधुनिक चेहरे ECINET ने विधानसभा चुनाव और उपचुनाव 2026 के दौरान अपनी तकनीकी श्रेष्ठता का लोहा मनवाया है। निर्वाचन आयोग (ECI) के इस सुदृढ़ आईटी प्लेटफॉर्म ने न केवल चुनावी प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाया, बल्कि दुनिया भर के साइबर अपराधियों के इरादों पर भी पानी फेर दिया।

ECINET Innovations, Election Technology, Cybersecurity in Elections

'डिजिटल लोकप्रियता' के टूटे रिकॉर्ड

जनवरी 2026 में लॉन्च होने के बाद से ECINET ने भारतीय मतदाताओं और सिस्टम के बीच एक मजबूत कड़ी का काम किया है। इसके आंकड़े किसी भी ग्लोबल टेक प्लेटफॉर्म को टक्कर देने वाले हैं:

  • 10 करोड़+ डाउनलोड: महज कुछ महीनों में ऐप के उपयोग में भारी उछाल देखा गया।

  • मतदान के दिन रिकॉर्ड ट्रैफिक: 9, 23 और 29 अप्रैल को प्लेटफॉर्म पर 98.3 करोड़ से अधिक हिट दर्ज किए गए।

  • मतगणना का रोमांच: 4 मई को नतीजों के दौरान प्रति मिनट औसतन 3 करोड़ हिट्स का भारी ट्रैफिक दर्ज हुआ, जिसे सिस्टम ने बिना किसी रुकावट के संभाला।

साइबर सुरक्षा: 68 लाख हमलों को किया ढेर

डिजिटल इंडिया के इस दौर में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की कोशिशों को ECINET ने पूरी तरह नाकाम कर दिया।

  • ग्लोबल हमले: मतगणना के दिन भारत और विदेशों से कुल 68 लाख से अधिक 'दुर्भावनापूर्ण' (Malicious) साइबर हमले किए गए।

  • अभेद्य सुरक्षा: आयोग के सुरक्षा प्रोटोकॉल ने इन सभी हमलों को पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर दिया, जिससे 'परिणाम पोर्टल' और अन्य महत्वपूर्ण डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे।

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सुरक्षा में नई क्रांति: पहली बार QR कोड का इस्तेमाल

चुनाव आयोग ने इस बार मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को 'हाई-टेक' बना दिया।

  • QR कोड आधारित एंट्री: पहली बार सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतगणना कर्मियों के लिए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की गई।

  • अनाधिकृत प्रवेश पर रोक: मतगणना के दिन 3.2 लाख से अधिक अद्वितीय QR कोड जेनरेट किए गए। इसने यह सुनिश्चित किया कि केवल 'अधिकृत' व्यक्ति ही मतगणना स्थल तक पहुँच सकें, जिससे मानवीय हस्तक्षेप या गड़बड़ी की संभावना शून्य हो गई।

बिहार से शुरू हुआ था 'बीटा' सफर

बता दें कि ECINET का सफर नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान 'बीटा संस्करण' के रूप में शुरू हुआ था। वहां मिली सफलता के बाद इसे जनवरी 2026 में पूर्ण रूप से लॉन्च किया गया, जिसने अब देश के चुनावी परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल दिया है।

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