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इबोला का कहर: WHO ने घोषित की ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी; भारत सरकार ने जारी की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी EbolaOutbreak2026, GlobalHealthEmergency, ViralDiseaseAlert

  • May 24
  • 2 min read

नई दिल्ली (Courtesy PIB) | 24 मई 2026: दुनिया पर एक बार फिर खतरनाक वायरस का साया मंडराने लगा है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस (Ebola Outbreak) के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHEIC) यानी ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है।

अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने भी इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे 'महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल' (PHECS) घोषित किया है।

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भारत सरकार की नागरिकों को सख्त सलाह

इस वैश्विक संकट को देखते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के नागरिकों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC), युगांडा और दक्षिण सूडान (South Sudan) की सभी गैर-जरूरी यात्राओं (Non-Essential Travel) से बचने की सलाह दी है।

जो भारतीय नागरिक इस समय इन प्रभावित देशों में मौजूद हैं, उन्हें स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा गया है।

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कितना खतरनाक है यह नया 'बुंडीबुग्यो स्ट्रेन'?

यह आउटब्रेक इबोला वायरस के 'बुंडीबुग्यो स्ट्रेन' (Bundibugyo Strain) के कारण फैल रहा है, जो एक प्रकार का वायरल हेमोरेजिक फीवर (Viral Haemorrhagic Fever) है।

  • हाई मोर्टैलिटी रेट: इस वायरस से संक्रमित होने पर मृत्यु दर (Mortality Rate) काफी अधिक होती है।

  • कोई वैक्सीन नहीं: इस समय सबसे बड़ी चिंता यह है कि बुंडीबुग्यो स्ट्रेन से निपटने या इसके इलाज के लिए फिलहाल कोई भी अप्रूव्ड वैक्सीन या विशिष्ट इलाज (Specific Treatment) उपलब्ध नहीं है

  • बॉर्डर पर खतरा: युगांडा और कांगो से सटे देशों, विशेषकर दक्षिण सूडान में इसके फैलने का खतरा सबसे ज्यादा आंका गया है।

भारत में क्या है स्थिति?

राहत की बात यह है कि भारत में अब तक बुंडीबुग्यो स्ट्रेन वाले इबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। WHO की इमरजेंसी कमेटी की सिफारिशों के बाद, भारत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों और बंदरगाहों (Points of Entry) पर सर्विलांस यानी निगरानी को सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावित देशों से आने वाले संदिग्ध या बुखार से पीड़ित यात्रियों की तुरंत जांच और पहचान की जा सके।

Flash: अगर आप या आपका कोई परिचित आगामी दिनों में अफ्रीका यात्रा की योजना बना रहा है, तो सरकार की इस एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अपनी यात्रा टाल दें।

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