बैतूल में "अरे कुछ नहीं होता..." की मानसिकता पर चले कलेक्टर के हंटर; लापरवाही पर अधीक्षक निलंबित, सचिव-रोजगार सहायक को नोटिस AdministrativeNegligence, GovernmentAccountability, DistrictCollectorAction
- Jun 3
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डोडाजाम बालक आश्रम में गंदगी और अव्यवस्था देख भड़के कलेक्टर, चौपाल में लापरवाही पर थमाया कारण बताओ नोटिस
बैतूल, 3 जून 2026
बैतूल जिले में प्रशासनिक लापरवाही और कर्मचारियों की बेलगाम मानसिकता पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। जिले में हर हफ्ते सोमवार को टीएल बैठक और मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर द्वारा लगातार चेतावनी दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद निचले स्तर के अमले पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मानो यह लाइन रट चुकी थी कि "अरे कुछ नहीं होता!" (यानी कोई हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाएगा)। इसी ढर्रे को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए कलेक्टर ने भीमपुर ब्लॉक के ग्राम डोडाजाम में औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाहों पर सीधे गाज गिरा दी है।

बड़ी कार्रवाई: बालक आश्रम अधीक्षक तत्काल प्रभाव से निलंबित
कलेक्टर डॉ. सोनवणे जब ग्राम डोडाजाम स्थित जनजातीय बालक आश्रम का जायजा लेने पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर बेहद नाराज हुए। आश्रम के कमरों और विशेषकर शौचालयों का रखरखाव अत्यंत घटिया और असंतोषजनक पाया गया। सरकारी संस्थान में बच्चों के स्वास्थ्य और व्यवस्था के प्रति इस घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैये को बर्दाश्त न करते हुए कलेक्टर ने अधीक्षक भैयालाल उईके को ऑन द स्पॉट तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए।
शासकीय योजनाओं में सुस्ती: सचिव और ग्राम रोजगार सहायक को कारण बताओ नोटिस
आश्रम के साथ-साथ पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान भी भारी लापरवाही उजागर हुई। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण 'प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना' की प्रगति की जब कलेक्टर ने समीक्षा की, तो डोडाजाम पंचायत का काम बेहद खराब और असंतोषजनक मिला। शासन की कल्याणकारी योजना में इस तरह की सुस्ती पाए जाने पर कलेक्टर ने डोडाजाम के पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक (GRS) दोनों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए।
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संक्षिप्त समाचार (अन्य प्रमुख अपडेट्स):
पेयजल संकट पर नाराजगी: डोडाजाम में आयोजित चौपाल में ग्रामीणों ने जब पानी की किल्लत की शिकायत की, तो कलेक्टर ने पूर्व निर्देशों का पालन न होने पर सख्त नाराजगी जताई और भीमपुर जनपद सीईओ को तत्काल व्यवस्था सुधारने को कहा।
स्वास्थ्य एवं प्रसव सेवाएं: ग्रामीणों द्वारा डिलीवरी के लिए भीमपुर जाने की मजबूरी बताने पर गांव के डिलीवरी पॉइंट को तुरंत चालू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कुपोषित बच्चों की स्थिति जानी और ग्रामीणों को घरेलू इलाज के बजाय सीधे अस्पताल जाने की समझाइश दी।
बिजली और आजीविका: सिंचाई के लिए परमानेंट बिजली न होने पर एमपीईबी (MPEB) को तुरंत अस्थाई कनेक्शन देने और स्थाई कृषि फीडर बनाने के निर्देश दिए। महिलाओं को बकरी और मुर्गी पालन से जोड़ने तथा बुजुर्गों की पेंशन-राशन की समीक्षा की।
वाटर हार्वेस्टिंग और आर्थिक मदद: बारिश से पहले सभी रूफ वाटर हार्वेस्टिंग कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं आगजनी में घायल चार पशुओं के मालिक केने मोतीराम (निवासी टिगरिया) को रेड क्रॉस से 20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की।
बच्चों से आत्मीय संवाद: डोडाजाम तालाब के निरीक्षण के दौरान रास्ते में खेल रहे बच्चों को देखकर कलेक्टर रुके, उनसे बातचीत की और बिस्किट-चॉकलेट बांटे।
हालाँकि जिला अधिकारी की कार्यवाही से अंगद के पाँव जमाए बैठे अधिकारीयों और कर्मचारियों को डर नाम मात्र भी नहीं है, मंत्रियों और जिला अधिकारी के आगमन से पहले ही पंचायत और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा सूचनाएं पहुंचा कर व्यवस्थाएं संभाल ली जाती हैं !











