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खाद किल्लत और किसानों की समस्याओं को लेकर बैतूल में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन; पुलिस ने चलाया वाटर कैनन, गुटबाजी भी आई सामने AgriculturalChallenges, PoliticalProtests, RuralIndiaIssues

Jul 2
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बैतूल : मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में किसानों की मूलभूत समस्याओं, विशेष रूप से खाद (यूरिया) की भारी किल्लत और वितरण प्रणाली में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों (ओटीपी और सोसाइटी मैपिंग) के विरोध में बुधवार को कांग्रेस और यूथ कांग्रेस द्वारा एक बड़ा प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया गया। अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर शाहपुर में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आक्रोश इस कदर बढ़ा कि प्रदर्शन उग्र रूप में बदल गया।

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आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनपद पंचायत परिसर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। यह शवयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील ग्राउंड तक पहुँची। इस दौरान प्रदर्शनकारी मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे।

बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने वाटर कैनन से किया तितर-बितर

माहौल को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तहसील ग्राउंड पर प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी वहाँ पहुँचे, स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। पानी की बौछार पड़ते ही एक बार तो कार्यकर्ता इधर-उधर हो गए, लेकिन कुछ ही देर में वे फिर से एकत्र होकर आगे बढ़ने लगे। बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और पुलिस वाहन से थाने ले गई। प्रशासन की सतर्कता के चलते कुछ ही समय में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और फिलहाल क्षेत्र में शांति है।



पूर्व जिला अध्यक्ष हेमंत वागदरे ने सरकार को घेरा

इस पूरे घटनाक्रम और किसानों के मुद्दों पर बैतूल कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष हेमंत वागदरे ने विशेष बातचीत में सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • शाहपुर और आठनेर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खाद के लिए 100-100 किलोमीटर दूर भटकना पड़ रहा है।

  • वर्तमान भाजपा सरकार के इशारे पर प्रशासनिक अधिकारी विपक्ष की आवाज और जनता के जायज आंदोलनों को दबाने का काम कर रहे हैं।

वागदरे ने इसके साथ ही विधानसभा के आगामी सत्र, अवैध उत्खनन और नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं के पेपर लीक मामले पर भी बेबाकी से अपनी बात रखी। प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष हेमंत वागद्रे, कांग्रेस नेता रमेश ककोड़िया और NSUI बैतूल के जिला उपाध्यक्ष आयुष शुक्ला सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।AgriculturalChallenges, PoliticalProtests, RuralIndiaIssues

प्रदर्शन के बीच उजागर हुई कांग्रेस की आपसी गुटबाजी

इस बड़े आंदोलन के बीच बैतूल जिला कांग्रेस की अंदरूनी कलह और गुटबाजी भी स्पष्ट रूप से धरातल पर नजर आई। स्थानीय नेतृत्व में एकजुटता के दावों के विपरीत, जिले का एक बड़ा और मजबूत धड़ा इस पूरे आंदोलन से पूरी तरह से दूर रहा। बड़े नेताओं और उनके समर्थकों की इस दूरी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं कि आगामी चुनौतियों से पहले कांग्रेस के भीतर आपसी तालमेल की भारी कमी है।


आगे की चेतावनी: कांग्रेसी नेताओं ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि किसानों की समस्याओं और उनकी 6 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन ने जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो इस आंदोलन को आने वाले दिनों में और अधिक उग्र और तेज किया जाएगा।

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