कलेक्टर डॉ. सोनवणे का भीमपुर में 'हंटर', तो शाहपुर में दिव्यांग महिला को प्रताड़ित करने वाले BEO गुलाब राव बर्डे पर मेहरबानी क्यों? AdministrativeNegligence, DisabledTeacherStruggles, JusticeForDisable
- Apr 15
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एक तरफ बच्चों के खाने पर एक्शन, दूसरी तरफ 80% दिव्यांग शिक्षिका की आंखों में आंसू; शाहपुर BEO गुलाब राव बर्डे को किसका संरक्षण?
बैतूल | 15 अप्रैल 2026 जिले के नए कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने बुधवार को भीमपुर ब्लॉक का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं में हड़कंप मचा दिया। बच्चों के भोजन में लापरवाही मिलने पर उन्होंने तत्काल विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और वार्डन को नोटिस थमाने के निर्देश दिए। कलेक्टर के इस कड़े रुख की जहाँ सराहना हो रही है, वहीं शाहपुर ब्लॉक से आ रही खबरें प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। सवाल यह है कि शाहपुर BEO गुलाब राव बर्डे पर भ्रष्टाचार और प्रताड़ना के अनगिनत आरोपों के बाद भी जिला प्रशासन मौन क्यों है?

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दिव्यांग महिला कर्मचारी का आरोप: "साहब! या तो न्याय दें या मुझे मरने दें"
शाहपुर ब्लॉक से एक ऐसा हृदयविदारक मामला सामने आया है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक दिव्यांग महिला शिक्षक ने कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत कर BEO गुलाब राव बर्डे और एक प्रभारी शिक्षिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रताड़ना की पराकाष्ठा: शिकायत के अनुसार, दिव्यांग शिक्षिका को न केवल मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, बल्कि उनके 6 महीने के मासूम बच्चे और उनकी दिव्यांगता को लेकर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं।
अवकाश रोकने का खेल: छोटे बच्चे की देखभाल के लिए 'संतान पालन अवकाश' (CCL) के आवेदनों को BEO और प्रभारी शिक्षिका के "मधुर संबंधों" के चलते ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
आत्महत्या की चेतावनी: स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि दिव्यांग महिला ने थक हारकर पत्र में लिखा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या के लिए मजबूर होंगी।
शाहपुर में भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त, फिर भी 'बर्डे' बेखौफ
शाहपुर ब्लॉक में BEO गुलाब राव बर्डे के कार्यकाल में हुई अनियमितताएं अब किसी से छिपी नहीं हैं, लेकिन हर बार उन्हें "प्रशासनिक सुरक्षा कवच" मिल जाता है:
एकलव्य स्कूल भ्रष्टाचार: एकलव्य विद्यालय में हुए करोड़ों के भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं की पोल जिले के प्रमुख समाचार पत्रों ने खोली, लेकिन फाइलों को दबा दिया गया।
ऐसे कई और मामलों जैसे बीजदेही स्कूल प्रकरण में बर्डे ने अपने एक साथी के साथ रशूक का उपयोग कर अनियमितताओं और अपने करीबियों को संरक्षण दिया !

क्या नए कलेक्टर करेंगे 'शाहपुर' का शुद्धिकरण?
भीमपुर में दिखाई गई सख्ती ने जनता में एक उम्मीद जगाई है। लेकिन शाहपुर के हालात बता रहे हैं कि यहाँ भ्रष्टाचार और दबंगई की जड़ें बहुत गहरी हैं। जहाँ एक तरफ सरकार दिव्यांगों और महिलाओं के सम्मान की बात करती है, वहीं शाहपुर में एक दिव्यांग मां अपने हक और सम्मान के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है।
अब देखना यह है कि कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे भीमपुर जैसी फुर्ती शाहपुर के इन गंभीर मामलों में दिखाते हैं या गुलाब राव बर्डे का 'राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख' एक बार फिर न्याय पर भारी पड़ेगा?











