जनगणना 2027: दिल्ली में छह 'जागरूकता वैन' को दिखाई गई हरी झंडी; उत्तर प्रदेश में आज से 'सेल्फ-एन्युमरेशन' शुरू 2027 Census Awareness, Self-Enumeration Campaign, Census Mobile Vans
- May 7
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नई दिल्ली, 07 मई 2026
भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त (RG & CCI) ने आज दिल्ली के 'जनगणना भवन' से छह जागरूकता मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल जनगणना 2027 के पहले चरण, यानी 'हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस' (HLO) के प्रति सार्वजनिक पहुंच और जागरूकता बढ़ाने के लिए शुरू की गई है।

दिल्ली में जनगणना अभियान की वर्तमान स्थिति
ये जागरूकता वैन पूरे दिल्ली एनसीटी में घूमकर जनगणना में भागीदारी, सेल्फ-एन्युमरेशन (SE) सुविधा और जनगणना 2027 की प्रमुख विशेषताओं का प्रचार करेंगी।
MCD क्षेत्र: दिल्ली नगर निगम (MCD) के क्षेत्रों में सेल्फ-एन्युमरेशन की प्रक्रिया जारी है। निवासी 15 मई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद 16 मई से घर-घर जाकर गणना का कार्य शुरू होगा।
NDMC और छावनी बोर्ड: इन क्षेत्रों में सेल्फ-एन्युमरेशन पूरा हो चुका है और वर्तमान में प्रगणकों (Enumerators) द्वारा घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का कार्य किया जा रहा है, जो 15 मई 2026 तक चलेगा।
उत्तर प्रदेश में आज से शुरुआत
उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए आज, 7 मई 2026 से सेल्फ-एन्युमरेशन की सुविधा शुरू हो गई है।
अवधि: पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक खुला रहेगा।
फील्ड ऑपरेशन: इसके बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक कर्मचारी घर-घर जाकर डेटा सत्यापन करेंगे।
2027 Census Awareness, Self-Enumeration Campaign, Census Mobile Vans
देशभर में उत्साह: 92 लाख परिवारों ने पूरी की प्रक्रिया
जनगणना 2027 में पहली बार पेश की गई 'सेल्फ-एन्युमरेशन' सुविधा को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। अब तक 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 92 लाख परिवारों ने पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक अपना विवरण दर्ज कर लिया है।
प्रमुख जानकारी और गोपनीयता
विवरणमहत्वपूर्ण तथ्यप्रश्नावलीइस चरण में आवास की स्थिति और सुविधाओं से संबंधित 33 प्रश्न पूछे जा रहे हैं।गोपनीयताजनगणना अधिनियम, 1948 के तहत एकत्र किया गया सारा डेटा पूरी तरह गोपनीय रहता है।पोर्टलसेल्फ-एन्युमरेशन के लिए आधिकारिक वेबसाइट: se.census.gov.in।
राज्यों में कार्य की प्रगति
सेल्फ-एन्युमरेशन चरण: तेलंगाना, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय, झारखंड और दिल्ली (MCD)।
घर-घर गणना चरण: बिहार, हरियाणा, मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और अन्य।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कवायद में प्रगणकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें, क्योंकि यह डेटा भविष्य की योजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी डिलीवरी का आधार बनेगा।











