बैतूल स्वास्थ्य मिशन: 831 गर्भवती महिलाओं की जांच में 369 'हाई रिस्क' चिन्हित; हृदय रोग से पीड़ित 10 बच्चे सर्जरी के लिए भोपाल रवाना
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बैतूल | 09 अप्रैल, 2026
बैतूल जिले में गुरुवार को स्वास्थ्य सेवाओं के दो महत्वपूर्ण अभियानों के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। एक ओर जहां प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के तहत सैकड़ों गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत दिल की बीमारी से जूझ रहे बच्चों को विशेष उपचार के लिए राज्य की राजधानी भेजा गया।

सुरक्षित मातृत्व: 44% गर्भवती महिलाएं 'हाई रिस्क' श्रेणी में
गर्भावस्था के दौरान जटिलताओं की पहचान और मातृ मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से जिले भर में आयोजित शिविरों में 831 गर्भवती महिलाओं का परीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि जांच के दौरान 369 महिलाएं 'हाई रिस्क' (HRP) पाई गईं, जिन्हें विशेष चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
प्रमुख केंद्रों का डेटा:
जिला अस्पताल बैतूल: डॉ. प्रतिभा नरवरे इवने ने 106 महिलाओं की जांच की, जिनमें 30 हाई रिस्क मिलीं। यहाँ 82 सोनोग्राफी भी की गईं।
भीमपुर व घोड़ाडोंगरी: भीमपुर में 121 में से 61 और घोड़ाडोंगरी में 70 में से 55 महिलाएं हाई रिस्क चिन्हित की गईं।
चिचोली व मुलताई: चिचोली में जांच की गई सभी 38 महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं, जबकि मुलताई में 60 में से 38 महिलाएं इस श्रेणी में रहीं।
अन्य केंद्र: शाहपुर (26 HRP), आमला (25 HRP), सेहरा (33 HRP), और भैंसदेही (25 HRP) में भी शिविर संपन्न हुए।
इन शिविरों का प्राथमिक उद्देश्य जीडीएम (GDM) और रक्त की जांच के माध्यम से जोखिम वाले मामलों का समय पर प्रबंधन करना है ताकि सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जा सके।
बाल स्वास्थ्य: 10 बच्चों को मिला 'नई जिंदगी' का अवसर
इसी कड़ी में, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत हृदय रोग से ग्रसित 10 बच्चों के दल को सर्जरी के लिए भोपाल रवाना किया गया। इन बच्चों की पहचान पूर्व में आयोजित स्क्रीनिंग शिविरों के दौरान की गई थी।
निशुल्क होगा उपचार: सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे ने एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन बच्चों की हृदय सर्जरी भोपाल के प्रतिष्ठित जे.के. हॉस्पिटल, चिरायु हॉस्पिटल और अनंत हॉस्पिटल में पूर्णतः निःशुल्क की जाएगी। इस अवसर पर आरएमओ डॉ. रानू वर्मा और आरबीएसके मैनेजर योगेंद्र कुमार उपस्थित रहे।
प्रशासन का लक्ष्य इन कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में मातृ-शिशु मृत्यु दर में गिरावट लाना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों के लिए उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।











