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चुनावी राज्यों में भारी जब्ती: अब तक 650 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और सामान बरामद, पश्चिम बंगाल सबसे आगे ElectionSecurity, IllegalFunding, ElectoralTransparency

  • Apr 5
  • 2 min read

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2026 के विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के मद्देनजर सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 26 फरवरी से 5 अप्रैल 2026 के बीच चुनावी राज्यों से कुल 651.51 करोड़ रुपये की अवैध राशि और सामग्री जब्त की गई है।

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पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कड़ी निगरानी

निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनावों की घोषणा की थी। चुनाव को 'हिंसा मुक्त' और 'प्रलोभन मुक्त' बनाने के लिए मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ कई समीक्षा बैठकें की गईं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन किया जाए।


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जब्ती के मुख्य आंकड़े (5 अप्रैल 2026 तक)

इलेक्ट्रॉनिक जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS) के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल जब्ती के मामले में सूची में शीर्ष पर है।

राज्य

नकदी (करोड़ रु.)

शराब (मूल्य करोड़ रु.)

नशीले पदार्थ (करोड़ रु.)

कीमती धातु (करोड़ रु.)

अन्य उपहार (करोड़ रु.)

कुल (करोड़ रु.)

पश्चिम बंगाल

11

55

65

39

150

319

तमिलनाडु

30

2

67

8

63

170

असम

4

20

56

4

13

97

केरल

8

2

41

1

5

58

पुडुचेरी

0.2

0.3

0

6

0.01

7

कुल योग

53.2

79.3

230

58

231.01

651.51

निगरानी के लिए तैनात विशेष टीमें

चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर टीमों की तैनाती की गई है:

  • 5,173 उड़न दस्ते (Flying Squads): शिकायतों का 100 मिनट के भीतर निपटारा सुनिश्चित करने के लिए तैनात।

  • 5,200 स्थैतिक निगरानी दल (Static Surveillance Teams): औचक नाकेबंदी और तलाशी अभियान के लिए सक्रिय।

आम नागरिकों के लिए निर्देश और सुविधा

आयोग ने प्रवर्तन अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जांच के दौरान आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो। किसी भी शिकायत के समाधान के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन किया गया है।

सी-विजिल (cVIGIL) का उपयोग: नागरिक और राजनीतिक दल आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की रिपोर्ट 'ईसीआईएनइटी' (ECINET) पर 'सी-विजिल' मॉड्यूल के जरिए कर सकते हैं। आयोग का लक्ष्य मतदाताओं को किसी भी दबाव या लालच से मुक्त रखकर एक निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराना है।

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