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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश: उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सुनिश्चित हों पुख्ता इंतजाम AgriculturalPoliciesMP, GovernmentDirectivesFarmers, WheatProcurement2026

  • 7 days ago
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9 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीदी; वर्ष 2026 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में समर्पित

बैतूल | 08 अप्रैल 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में 9 अप्रैल से शुरू हो रही गेहूं खरीदी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स और एसडीएम को निर्देशित किया है कि उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए सहज और सुगम व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मुख्यमंत्री निवास से किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित वर्चुअल संवाद के दौरान दिए।

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उपार्जन केंद्रों पर मिलेंगी मूलभूत सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की अनिवार्य व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने इस व्यापक अभियान में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाओं से भी सहयोग का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और इसी क्रम में वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है।

2700 रुपये प्रति क्विंटल का लक्ष्य और पर्याप्त संसाधन

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में बारदाने (बोले) की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने कहा, "गेहूं की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना एक चुनौती थी, जिसे हम चरणबद्ध तरीके से 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।"



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कंट्रोल रूम से होगी सीधी निगरानी

व्यवस्थाओं को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए प्रशासन द्वारा निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:

  • हेल्प डेस्क: प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर किसानों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं।

  • कंट्रोल रूम: जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में स्थापित विशेष कंट्रोल रूम से पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।

  • सूचना प्रसार: होर्डिंग्स और पंपलेट के माध्यम से किसानों को केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों को केवल खरीदी केंद्र न मानकर, उन्हें किसानों को शासन की योजनाओं से अवगत कराने के केंद्र के रूप में भी उपयोग किया जाए।

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