बैतूल: नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने स्पष्ट की प्रशासनिक प्राथमिकताएं; अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के साथ सुशासन पर जोर
- 2 days ago
- 2 min read
बैतूल | 13 अप्रैल 2026
बैतूल के नवागत कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिले के लिए प्रशासनिक विजन साझा किया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस चर्चा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में सुशासन (Good Governance) और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसी के साथ, उन्होंने अवैध उत्खनन के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए खनिज विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सुशासन और जवाबदेही: जनसमस्याओं का समयबद्ध निराकरण
डॉ. सोनवणे ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता बरती जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
जीरो टॉलरेंस नीति: वित्तीय अनियमितताओं और कार्यों में लापरवाही को लेकर कलेक्टर ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व प्रकरणों का समाधान: आम नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए राजस्व मामलों के समय-सीमा में निराकरण पर विशेष बल दिया गया है।
बुनियादी संस्थाओं का सुदृढ़ीकरण: स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मैदानी स्तर पर नियमित निरीक्षण करने और संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने की योजना प्रस्तुत की गई।
अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई: तीन वाहन जप्त
प्रशासनिक आदेशों के परिपालन में खनिज विभाग ने जिले में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध विशेष अभियान छेड़ दिया है। पिछले 72 घंटों में हुई आकस्मिक कार्रवाई में तीन वाहनों को जप्त किया गया है:
तहसील आमला: 10 अप्रैल को ग्राम तोरणवाड़ा और घिसी बोरी मार्ग के समीप रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त दो ट्रैक्टरों (MP 48 A 3677 एवं MP 48 AA 9017) को जप्त कर आमला पुलिस की अभिरक्षा में सौंपा गया।
तहसील बैतूल: 12 अप्रैल को देवगांव-फोरलेन के समीप गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे एक डम्पर (MP 28 H 4011) को जप्त कर बैतूल बाजार थाने में खड़ा करवाया गया।
इन सभी मामलों में मध्यप्रदेश खनिज नियम 2022 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगामी कार्रवाई हेतु न्यायालय अपर कलेक्टर में प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

जल संरक्षण और विकास पर केंद्रित रणनीति
आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जल संरचनाओं के टिकाऊ निर्माण पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में तकनीकी विशेषज्ञों का परामर्श लिया जाए ताकि भविष्य में पेयजल संकट का स्थायी समाधान हो सके।
निष्कर्ष: डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के नेतृत्व में प्रशासन ने कार्यभार के पहले ही सप्ताह में स्पष्ट संदेश दिया है कि जिला प्रशासन न केवल जनहित के प्रति संवेदनशील है, बल्कि नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में उठाए गए ये प्रारंभिक कदम जिले के समग्र विकास के लिए सकारात्मक संकेत हैं।











