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बरखेड़ा सोमा: 35 वर्षों से नसों के रोगों का निःशुल्क उपचार, देश-विदेश से पहुँच रहे मरीज

  • Mar 31
  • 2 min read

बागरी/करनावद फाटा। सेवा और समर्पण की एक अनूठी मिसाल मध्य प्रदेश के ग्राम बरखेड़ा सोमा में देखने को मिल रही है। खंडवा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बागरी तहसील के करनावद फाटा से महज 7 किलोमीटर दूर स्थित इस गाँव में पिछले साढ़े तीन दशकों से नस संबंधित बीमारियों का निःशुल्क इलाज किया जा रहा है।

बिना किसी शुल्क के जटिल रोगों का इलाज

यहाँ कमल नागर द्वारा घुटने, कमर और शरीर की अन्य नसों से जुड़ी समस्याओं का उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है। नागर की इस निस्वार्थ सेवा भावना के कारण आज बरखेड़ा सोमा की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैल चुकी है। उनके पास न केवल मध्य प्रदेश और पड़ोसी राज्यों से, बल्कि सात समंदर पार विदेशों से भी मरीज बड़ी उम्मीद लेकर पहुँच रहे हैं।

प्रतिदिन 400 से अधिक मरीजों का जमावड़ा

मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहाँ पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 400 से 500 मरीज यहाँ उपचार के लिए पहुँचते हैं। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है, जिसके माध्यम से सुबह से शाम तक मरीजों को देखा जाता है। उल्लेखनीय है कि इस सेवा केंद्र पर प्रत्येक गुरुवार को अवकाश रहता है।

वरिष्ठ अधिकारियों और राजनेताओं का भी रहता है आना-जाना

कमल नागर की इस मानवीय सेवा से प्रभावित होकर कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़े राजनेता भी यहाँ समय-समय पर उपचार के लिए पहुँच चुके हैं। उनके इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें विभिन्न सम्मान पत्रों से भी नवाजा जा चुका है। नागर इस पूरी सेवा का श्रेय बालाजी महाराज की असीम कृपा को देते हैं। उनके इस पुनीत कार्य में उनका पूरा परिवार भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दे रहा है, जो समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

मरीजों को मिल रही बड़ी राहत

उपचार के लिए आने वाले मरीजों का कहना है कि वे यहाँ असहनीय दर्द के साथ आते हैं, लेकिन नागर के सेवा भाव और सटीक उपचार से उन्हें चमत्कारिक राहत मिलती है। यह केंद्र आज उन लाखों लोगों के लिए एक बड़ी उम्मीद बन चुका है जो नसों की गंभीर समस्याओं से ग्रसित हैं।

 
 

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