प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य अंश: 'सेवा तीर्थ' और 'कर्त्यव्य भवन' का उद्घाटन PublicServiceReform, ModernIndiaVision, NationalIdentityShift
- Feb 13
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दिनांक: 13 फरवरी 2026
स्थान: नई दिल्ली (COURTESY PIB)
1. गुलामी की मानसिकता से मुक्ति
प्रधानमंत्री ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी पुरानी इमारतें ब्रिटिश साम्राज्य और गुलामी का प्रतीक थीं। उन्हें इस तरह बनाया गया था कि वे जनता से ऊपर और अलग दिखें। इसके विपरीत, 'सेवा तीर्थ' (नया पीएमओ) और 'कर्तव्य भवन' को जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनाया गया है, जो सीधे जमीन से जुड़ा है।

2. 'सत्ता' नहीं, 'सेवा' का केंद्र
भाषण में भवनों के नामकरण के पीछे की सोच को स्पष्ट किया गया:
सेवा तीर्थ: यह केवल एक ऑफिस नहीं, बल्कि नागरिकों की सेवा से पवित्र हुआ एक स्थल है।
कर्तव्य भवन: यह अधिकारियों और कर्मचारियों को याद दिलाएगा कि शासन का अर्थ अधिकार जताना नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाना है।
बदलाव: राजपथ अब 'कर्तव्य पथ' है और रेस कोर्स रोड अब 'लोक कल्याण मार्ग' है, जो सेवा की भावना को दर्शाता है।
3. आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक बचत
पुरानी इमारतों में जगह की कमी और उनके जर्जर होने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया:
भारत सरकार के मंत्रालय दिल्ली में 50 से ज्यादा अलग-अलग स्थानों से चल रहे थे।
इनके किराए पर हर साल 1,500 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो रहे थे।
नए परिसरों से यह खर्च बचेगा, समय की बचत होगी और काम करने की शक्ति (Productivity) बढ़ेगी।
PublicServiceReform, ModernIndiaVision, NationalIdentityShift
4. 'युगे युगीन भारत' म्यूजियम
पुरानी ऐतिहासिक इमारतों को भुलाया नहीं जाएगा। नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को 'युगे युगीन भारत म्यूजियम' का हिस्सा बनाया जाएगा, जो आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा केंद्र बनेगा।
5. विकसित भारत @ 2047 का लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने सभी 'कर्मयोगियों' (सरकारी कर्मचारियों) से कहा कि 2047 का लक्ष्य केवल एक तारीख नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सपनों की समय-सीमा है। उन्होंने अपील की:
"जब भी आप इस भवन में कदम रखें, खुद से पूछें— क्या आज का मेरा कार्य देशवासियों के जीवन को आसान बनाएगा?"
पुरानी पहचान | नई पहचान / नाम | मूल संदेश |
PMO (साउथ ब्लॉक) | सेवा तीर्थ | सेवा ही परम धर्म है |
सचिवालय (Secretariat) | कर्तव्य भवन | कर्तव्य की प्रधानता |
रेस कोर्स रोड | लोक कल्याण मार्ग | जन कल्याण का संकल्प |
राजपथ | कर्तव्य पथ | लोकतंत्र में कर्तव्य सर्वोपरि |
मुगल गार्डन | अमृत उद्यान | स्वतंत्र भारत की अपनी पहचान |









