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नर्मदापुरम: संयुक्त किसान संगठनों और कृषि उपसंचालक के बीच बैठक संपन्न, कलेक्टर की अध्यक्षता में अगली मीटिंग का प्रस्ताव

  • Mar 13
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नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय पर आज विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और कृषि उपसंचालक के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। लगभग दो घंटे तक चली इस चर्चा में गेहूं-चना खरीदी के पंजीयन, खाद-बीज की उपलब्धता और बिजली से जुड़ी समस्याओं जैसे ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से बात हुई।

बैठक की मुख्य बातें और निर्णय:

प्रशासनिक समन्वय: बैठक के दौरान जब कृषि उपसंचालक ने संगठनों को सीईओ के पास जाने को कहा, तो किसान प्रतिनिधियों ने इसका कड़ा विरोध किया। अंततः यह निर्णय लिया गया कि चर्चा सुचारू रखी जाए।

कलेक्टर की अध्यक्षता की मांग: किसान संगठनों ने स्पष्ट रूप से प्रस्ताव रखा कि अगली बैठक अनिवार्य रूप से जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में ही आयोजित की जाए, ताकि समस्याओं का ठोस निराकरण हो सके। उपसंचालक ने आश्वासन दिया कि यह प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँचाया जाएगा।

खाद और टोकन समस्या: ई-टोकन व्यवस्था में आ रही तकनीकी दिक्कतों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, खरीदी केंद्रों पर छांव और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई।

मूंग बीज की उपलब्धता: किसानों ने आगामी सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में मूंग बीज उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।

समानता और संवैधानिक अधिकार पर जोर

संगठनों ने एक स्वर में निवेदन किया कि प्रशासन को किसी एक विशेष संगठन के बजाय सभी किसान संगठनों के साथ संयुक्त रूप से बैठक करनी चाहिए। उन्होंने इसे संवैधानिक मर्यादा और समानता के अधिकार से जोड़ते हुए भविष्य में भी 'संयुक्त बैठक' की परंपरा जारी रखने की बात कही।

उपस्थिति:


इस बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष राकेश गौर, युवा सेना से दिनेश मीना, जिला प्रवक्ता गणेश गौर, क्रांतिकारी मजदूर संघ, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ और भारतीय किसान यूनियन समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 
 

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