Year Ender 2025: वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के प्रमुख सुधार और उपलब्धियाँ Year Ender 2025: FinancialReforms IndiaBanking EconomicGrowth Insights
- Jan 10
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नई दिल्ली | 10 जनवरी, 2026
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के लिए साल 2025 बैंकिंग सुधारों, डिजिटल परिवर्तन और समावेशी विकास का वर्ष रहा है। 'Banking Laws (Amendment) Act, 2025' और 'EASE 8.0' (EASE₹ise) जैसी पहलों ने भारत के वित्तीय परिदृश्य को और भी सुरक्षित और आधुनिक बनाया है।

1. बैंकिंग क्षेत्र का प्रदर्शन (Performance of Banking Sector)
सरकारी सुधारों और 'PSB Manthan' जैसी पहलों के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) की स्थिति में ऐतिहासिक सुधार देखा गया:
मुनाफे में रिकॉर्ड वृद्धि: FY 2024-25 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCBs) ने ₹4.01 लाख करोड़ का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया।
NPA में कमी: SCBs का सकल NPA (Gross NPA) घटकर 2.22% (मार्च 2025) पर आ गया है।
पूंजी पर्याप्तता (Capital Adequacy): SCBs का CRAR मार्च 2015 के 12.94% से सुधरकर सितंबर 2025 में 17.24% हो गया है।
RRBs का सुधार: 'एक राज्य, एक RRB' विजन के तहत 43 RRBs को 28 में समेकित किया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ी है।
2. डिजिटल भुगतान में क्रांति (Digital Payments Evolution)
'DIGIDHAN' मिशन के तहत भारत वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान में अग्रणी बना हुआ है:
UPI का दबदबा: रिटेल पेमेंट वॉल्यूम का 81% हिस्सा अब UPI के माध्यम से होता है।
लेनदेन की संख्या: FY 2024-25 में कुल डिजिटल लेनदेन 22,831 करोड़ तक पहुँच गया।
नवाचार: 'Hello! UPI' (AI-वॉइस पेमेंट) और 'Credit Line on UPI' जैसी सुविधाओं ने बैंकिंग को और सुलभ बनाया है।
अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता: भारत का UPI अब फ्रांस, यूएई, सिंगापुर और श्रीलंका सहित कई देशों में स्वीकार्य है।
Year Ender 2025: FinancialReforms IndiaBanking EconomicGrowth Insights
3. वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा (Financial Inclusion)
विभिन्न सरकारी योजनाओं ने समाज के वंचित वर्गों तक बैंकिंग और बीमा की पहुँच सुनिश्चित की है:
PM Jan Dhan Yojana (PMJDY): 31 दिसंबर 2025 तक कुल खातों की संख्या 57.33 करोड़ हो गई है।
PM Mudra Yojana (PMMY): योजना के 10 साल पूरे होने पर अब तक ₹38.19 लाख करोड़ के ऋण स्वीकृत किए गए हैं।
NPS Vatsalya: नाबालिगों के लिए शुरू की गई इस पेंशन योजना में दिसंबर 2025 तक 1.65 लाख से अधिक नामांकन हुए।
Kisan Credit Card (KCC): बिना गारंटी वाले ऋण की सीमा ₹1.60 लाख से बढ़ाकर ₹2.00 लाख कर दी गई है।
4. कॉर्पोरेट गवर्नेंस और भर्ती में पारदर्शिता
भर्ती प्रक्रिया: IBPS परीक्षाओं में आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) अनिवार्य किया गया ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
परिणामों में तेज़ी: SBI और अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों के परीक्षा परिणामों और नियुक्तियों के लिए समयसीमा तय की गई है।
गवर्नेंस: सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में 'Chief General Manager' (CGM) के पद सृजित किए गए हैं ताकि डिजिटलीकरण और साइबर सुरक्षा की बेहतर निगरानी हो सके।
5. अन्य महत्वपूर्ण पहल
आपकी पूँजी, आपका अधिकार: लावारिस जमा (Unclaimed Assets) को उनके असली मालिकों तक पहुँचाने के लिए चलाए गए अभियान से ₹4,500 करोड़ वापस किए गए।
BAANKNET: संपत्ति नीलामी में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अपग्रेडेड पोर्टल लॉन्च किया गया।
IBC प्रदर्शन: दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के माध्यम से ऋणदाताओं ने अब तक लगभग ₹3.99 लाख करोड़ की वसूली की है।
courtesy PIB









