top of page

बैतूल: गोवंश पर विस्फोटक हमले से सनसनी, वन्यजीवों के शिकार की आशंका; NSA लगाने की उठी मांग WildlifeSafety, ExplosiveIncidents, CommunityOutrage

May 5
3 min read

बैतूल (आशीष राठौर एडिटोरियल): मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित भौंरा थाना क्षेत्र के ग्राम कोयलारी में एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ एक स्थानीय डैम के समीप आटे के गोलों में छिपाकर रखे गए बारूद के फटने से 11 गोवंश बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस घटना ने जहाँ एक ओर क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

WildlifeSafety, ExplosiveIncidents, CommunityOutrage

घटना का संक्षिप्त विवरण

जानकारी के अनुसार, कोयलारी पंचायत के कछार इलाके में स्थित छोटे डैम पर जब गोवंश पानी पीने पहुँचे, तब वहां अज्ञात तत्वों द्वारा रखे गए विस्फोटक युक्त आटे के गोलों में धमाका हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 3 गोवंश की तत्काल मृत्यु हो गई, जबकि 8 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं जिनका उपचार पशु चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है।

वन्यजीव शिकार की आशंका और विशेषज्ञों की राय

इस मामले में सतपुड़ा बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसाइटी के अध्यक्ष आदिल खान ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस कृत्य को एक 'जघन्य अपराध' की श्रेणी में रखते हुए एक नया और महत्वपूर्ण पहलू सामने रखा है।

आदिल खान ने कहा(PRESIDENT SBCS): "यह घटना केवल गोवंश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी साजिश प्रतीत होती है। चूंकि उक्त घटनास्थल वन क्षेत्र से लगा हुआ है, इसलिए पूरी संभावना है कि शिकारियों ने वन्यजीवों के शिकार के लिए इस प्रकार की विस्फोटक सामग्री बिछाई होगी। यह एक अक्षम्य अपराध है और हम प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों को तत्काल चिन्हित कर उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA/रासुका) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।"
इसके साथ ही PFA नई दिल्ली के सदस्य राजकमल गुप्ता का कहना है की जंगली क्षेत्रों में अवैध गति विधियाँ और पेड़ो की कटाई लम्बे समय से सतपुड़ा के इन क्षेत्रों में जारी हैं कई जंगली जानवरों की संदिग्ध मौतें पूर्व में भी सामने आई हैं | वन विभाग और जिला प्रशासन को अवैध कटाई और पोचिंग के क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए संभावित एवं चिन्हित आरोपियों पर जांच कर कड़ी कार्यवाही करना चाहिए |
वहीँ इस मामले में SDOF उत्तम सिंह सरत्या कहना है मामला संज्ञान में आया है जंगली जीवों से जुड़ा हो सकता है इस मामले की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है एवं मामले पर हमारी नजर है |

WildlifeSafety, ExplosiveIncidents, CommunityOutrage

प्रशासनिक जांच और सुरक्षा के उपाय

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल, राजस्व विभाग और बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस द्वारा घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि विस्फोटक के स्रोत और शिकारियों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

  • बीडीएस टीम: टीम ने मौके से नमूने एकत्रित किए हैं ताकि यह पता चल सके कि किस प्रकार के विस्फोटक का उपयोग किया गया था।

  • सर्च ऑपरेशन: वन क्षेत्र से सटे होने के कारण पुलिस और वन विभाग की टीम आसपास के इलाकों में भी सर्चिंग कर रही है ताकि अन्य संभावित खतरों को टाला जा सके।

सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया

घटना के विरोध में राष्ट्रीय हिंदू सेना ने भी पुलिस अधीक्षक (SP) से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि सार्वजनिक और वन्य क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

निष्कर्ष: पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। वन्यजीव विशेषज्ञों और ग्रामीणों की आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए अब प्रशासन इस मामले को शिकार की बड़ी साजिश के कोण से भी देख रहा है। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम करने की मांग कर रहे हैं जिससे समाज में कड़ा संदेश जाए।


WildlifeSafety, ExplosiveIncidents, CommunityOutrage

Top Stories

1/16
bottom of page