top of page

लापरवाही पर एक्शन: जल जीवन मिशन में सुस्ती बरतने वाले 16 इंजीनियरों को नोटिस जारी WaterMission PHEDepartment RuralWaterSupply

  • Jan 16
  • 1 min read

भोपाल: मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाया है। कार्यों में देरी और लापरवाही पाए जाने पर 3 अधीक्षण यंत्री (Superintending Engineers) और 13 कार्यपालन यंत्रियों (Executive Engineers) को 'कारण बताओ' (Show Cause) नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

WaterMission PHEDepartment RuralWaterSupply

धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों से योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि मिशन के कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की जिलावार समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में काम की गति निर्धारित लक्ष्य और समय-सीमा से काफी पीछे है।


WaterMission PHEDepartment RuralWaterSupply

अधिकारियों की तय होगी व्यक्तिगत जिम्मेदारी

बैठक में प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि:

  • समय-सीमा: एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के शेष कार्यों को तय समय के भीतर अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए।

  • जवाबदेही: कार्यों में हो रही देरी के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी।

  • कठोर कार्रवाई: भविष्य में सुधार न होने पर अधिकारियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मिशन का उद्देश्य: हर घर तक जल

प्रमुख सचिव ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में से एक है। इसका सीधा संबंध ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार से है। उन्होंने फील्ड स्तर पर समन्वय बढ़ाने और कार्यों में पारदर्शिता व गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जा सके।

Top Stories

1/3
bottom of page