बैतूल: 'जल गंगा संवर्धन अभियान' का कल से आगाज़, जल स्रोतों के कायाकल्प के लिए जन आंदोलन की तैयारी WaterConservationCampaign, CommunityParticipation, SustainableWaterManagement
- Mar 18
- 2 min read
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में जल संसाधनों के संरक्षण और पुनर्निर्माण के उद्देश्य से 19 मार्च 2026 से "जल गंगा संवर्धन अभियान" प्रारंभ किया जाएगा। यह अभियान 30 जून 2026 तक संचालित होगा। बैतूल जिले में इस अभियान का शुभारंभ आज 19 मार्च 2026 को किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिले के प्रत्येक नगरीय निकाय एवं प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन समुदाय के सहयोग से आगामी 30 जून तक जल संरक्षण के कार्य किए जाएंगे।

जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के नेतृत्व में चलने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान का प्रमुख उद्देश्य जनभागीदारी से जल संरक्षण और संवर्धन सुनिश्चित करना है।
अभियान के अंतर्गत किए जाने वाले प्रमुख कार्य:
जन जागरूकता
नवीन जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण
भूजल संवर्धन
पूर्व से मौजूद जल संग्रहण संरचनाओं की साफ-सफाई व मरम्मत
नवीनीकरण
जल गुणवत्ता परीक्षण
जल स्रोतों में प्रदूषण के स्तर को कम करने
जल स्त्रोतों तथा जल वितरण प्रणालियों की साफ-सफाई
राजस्व रिकार्ड में जल संग्रहण संरचनाओं व नहरों को अंकित करने
मानसून में किये जाने वाले पौधरोपण के लिए आवश्यक तैयारियां
WaterConservationCampaign, CommunityParticipation, SustainableWaterManagement
कलेक्टर व अभियान के नोडल अधिकारी नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सभी विभागीय अधिकारियों को जल गंगा संवर्धन अभियान के सुचारू संचालन के दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 19 मार्च से जिले के सभी नगरीय निकायों और सभी ग्राम पंचायत में जल संरक्षण और संवर्धन के कार्य प्रारंभ किए जाए। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए।
कलेक्टर सूर्यवंशी ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय विकास विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, जल संसाधन एवं नर्मदा घाटी विभाग, महिला बाल विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्कूल शिक्षा, संस्कृति, राजस्व, वन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जल संरचनाओं की साफ-सफाई और रिपेयरिंग के कार्य कराए जाए तथा जल संरचनाओं के आसपास पौधारोपण के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाए।
उन्होंने कहा कि समाज की भागीदारी और विभिन्न सहभागी विभागों की समेकित पहल से अभियान का क्रियान्वयन होगा। अभियान में समाज की सहभागिता के लिए जन जागरूकता हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन और कार्य भी किये जायेंगे। संपूर्ण अभियान इस तरह से नियोजित किया जाना है, जिससे यह अभियान समाज और सरकार की साझेदारी से जल संरक्षण व संवर्धन का जन आंदोलन बन सके।











