प्रभात पट्टन: ग्राम पंचायत सावंगी ने पेश की विकास की नई मिसाल, सुविचारों से संवर रही हैं दीवारेंVillageTransformation, ValuesAndTechnology, OpenSchoolInitiative
- Jan 28
- 1 min read
बैतूल। जनपद पंचायत प्रभात पट्टन की ग्राम पंचायत सावंगी विकास और नवाचार के एक नए केंद्र के रूप में उभर रही है। सरपंच सुजाता पंकज राउत के नेतृत्व में पंचायत ने 'संस्कार और तकनीक' के समन्वय से गांव की तस्वीर बदल दी है। गांव की दीवारों पर महापुरुषों के प्रेरणादायी सुविचार अंकित करने की पहल ने सावंगी को पूरे जिले में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।

दीवारें बनीं 'खुली पाठशाला'
इस अभियान के तहत स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों के विचारों को गांव की गलियों में उकेरा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य राह चलते ग्रामीणों, विशेषकर बच्चों और युवाओं में सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों का संचार करना है।
सरपंच सुजाता राउत के अनुसार, शिक्षा केवल स्कूल और किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए; सार्वजनिक स्थानों पर लिखे ये विचार समाज को संस्कारित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। स्थानीय निवासियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे एक "खुली पाठशाला" की संज्ञा दी है।
VillageTransformation, ValuesAndTechnology, OpenSchoolInitiative
परंपरा और तकनीक का अनूठा संतुलन
सावंगी न केवल वैचारिक स्तर पर, बल्कि तकनीकी मोर्चे पर भी जिले में अग्रणी भूमिका निभा रही है। यह जनपद की पहली ऐसी पंचायत बन गई है जहां कंप्यूटर साक्षरता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक डिजिटल कौशल और पारंपरिक नैतिक मूल्यों के इस संगम ने सावंगी को आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित कर दिया है।
ग्रामीणों का मानना है कि इन प्रयासों से गांव में न केवल सकारात्मक वातावरण बना है, बल्कि आने वाली पीढ़ी भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार हो रही है।












