आमला: बिना डिग्री के इलाज और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री का बड़ा खुलासा, शिकायतों के बाद भी विभाग मौन ?UnauthorizedMedicine HealthHazards MedicalMalpractice
बैतूल। जिला मुख्यालय के समीप तहसील आमला के ग्राम जमदेही कला और आस-पास के क्षेत्रों में अवैध चिकित्सा और प्रतिबंधित दवाओं के व्यापार का मामला गरमाता जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने से व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं!

बाजारों में भी चल रहा है अवैध 'उपचार'
शिकायत कर्ता द्वारा प्रदाय जानकारी के अनुसार, जमदेही कला पेट्रोल पंप के पास एक क्लीनिकनुमा दुकान का संचालन किया जा रहा है, जिसके पास न तो कोई वैध मेडिकल डिग्री है और न ही पंजीयन। इतना ही नहीं, यह अवैध कारोबार हाट बाजार नरेरा, बरंगवाड़ी और जमदेही कला के साप्ताहिक बाजारों तक फैला हुआ है। आरोप है कि यहां ऐसी दवाइयां बेची जा रही हैं जो शासन द्वारा प्रतिबंधित हैं या जिन्हें केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में ही दिया जा सकता है।
प्रशासनिक सुस्ती पर उठ रहे सवाल ?
शिकायतकर्ता के मुताबिक, कुछ समय पूर्व संबंधित क्लीनिक का निरीक्षण कर सामग्री जब्त की गई थी, लेकिन मामला फाइलों में ही दबकर रह गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि:
बिना डॉक्टर के पर्चे के गंभीर और प्रतिबंधित दवाइयां खुलेआम दी जा रही हैं।
ड्रग इंस्पेक्टर और बीएमओ (BMO) को बार-बार सूचित करने के बाद भी कार्रवाई शून्य है।
दंडात्मक कार्रवाई न होने से अवैध क्लीनिक संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
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अधिकारियों का पक्ष
इस गंभीर मामले को लेकर जब बैतूल CMHO से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह पूरी स्थिति की जांच करवाएंगे और उचित कदम उठाएंगे !
बड़ी अनहोनी की आशंका !
शिकायत कर्ता द्वारा बताया गया कि क्षेत्रीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और डर है कि बिना डिग्री के दिए जा रहे इस इलाज और प्रतिबंधित दवाओं के सेवन से किसी की जान भी जा सकती है। यदि स्वास्थ्य विभाग ने जल्द ही सख्त रुख नहीं अपनाया, तो किसी बड़ी अनहोनी की जिम्मेदारी विभाग की होगी।











