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उदयपुर: "सहकार से समृद्धि" विजन के तहत राष्ट्रीय कार्यशाला में सहकारिता सुधारों की हुई समीक्षा Udaipur Workshop: Sahkar Se Samriddhi & Cooperative Reforms Review

  • Jan 10
  • 2 min read

उदयपुर | 10 जनवरी, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सहकार से समृद्धि" विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से 8-9 जनवरी 2026 को राजस्थान के उदयपुर में एक उच्च-स्तरीय राष्ट्रीय कार्यशाला और समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित इस बैठक में सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण समृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण का केंद्र बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।

Udaipur Workshop: Sahkar Se Samriddhi & Cooperative Reforms Review
सांकेतिक फूटेज

कार्यशाला के मुख्य बिंदु और रणनीतिक सुधार:

  • केंद्र-राज्य समन्वय: सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, नवाचारी दृष्टिकोण और सहकारी संस्थाओं की जन-धारणा (Public Perception) को सकारात्मक बनाने पर जोर दिया।

  • बैंकिंग और डिजिटल पहल: सहकारी बैंकों के नियमों को सरल बनाने, आरबीआई और वित्त मंत्रालय के साथ निरंतर संवाद और सहकारी संस्थाओं के लिए केवल सहकारी बैंकों में ही खाते खोलने (CASA Fund बढ़ाने हेतु) जैसे महत्वपूर्ण निर्णय साझा किए गए।

  • प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण: मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) और प्रस्तावित सहकारी विश्वविद्यालय के माध्यम से अधिकारियों और सदस्यों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Udaipur Workshop: Sahkar Se Samriddhi & Cooperative Reforms Review

पैक्स (PACS) का सुदृढ़ीकरण और अनाज भंडारण:

सत्र के दौरान 'प्राथमिक कृषि ऋण समितियों' (पैक्स) को सहकारिता की रीढ़ बताते हुए उनके पूर्ण कंप्यूटरीकरण की आवश्यकता पर बल दिया गया।

  • विश्व की सबसे बड़ी भंडारण योजना: भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सहयोग से अनाज भंडारण क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत सितंबर 2026 तक 5 लाख टन और सितंबर 2027 तक 50 लाख टन भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।

  • बहुउद्देशीय सेवाएं: पैक्स को अब कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), जन औषधि केंद्र और प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में भी विस्तारित किया जा रहा है।

राज्यों की सर्वश्रेष्ठ कार्यपद्धतियां (Best Practices):

कार्यशाला में विभिन्न राज्यों ने अपने सफल मॉडल प्रस्तुत किए:

  • तमिलनाडु: कैशलेस पैक्स और एमआईएस (MIS) का कार्यान्वयन।

  • आंध्र प्रदेश: सहकारी संस्थाओं के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम।

  • जम्मू-कश्मीर: जिला-विशिष्ट व्यावसायिक योजनाएं।

  • उत्तर प्रदेश: वृहद सदस्यता अभियान।

भविष्य का लक्ष्य:

सहकारिता मंत्रालय का लक्ष्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और वैल्यू-चेन विकास के माध्यम से इस क्षेत्र के आर्थिक योगदान को तीन गुना करना है। इसमें महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।

कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए राजस्थान सरकार की सहकारिता सचिव आनंदी और उनकी टीम का आभार व्यक्त किया गया।


COURTESY PIB

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