भींडर: आचार्य विहर्ष सागर महाराज के सानिध्य में भव्य शिक्षक सम्मेलन संपन्न, गैर-सरकारी शिक्षकों का हुआ सम्मानTeacherRecognition, EducationalImpact, JainCommunityEvent
- Feb 14
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भींडर। आदिब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन के तत्वावधान में सन्मति धाम, भींडर में राष्ट्रसंत दिगंबर जैन आचार्य श्री विहर्ष सागर जी महाराज का 'आचार्य पदारोहण दिवस' अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर शिक्षा जगत को समर्पित एक विशेष 'शिक्षक सम्मेलन' का आयोजन किया गया, जिसमें भींडर ब्लॉक के विभिन्न गैर-सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

धार्मिक अनुष्ठानों से हुआ कार्यक्रम का आगाज़
कार्यक्रम का शुभारंभ विकास जैन (इंदौर), रमेश सोनी (कूंथवास) और महेंद्र स्वर्णकार द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मंगलाचरण की प्रस्तुति वर्षारानी जैन और रेखा चौबीसा ने दी। आर्यिका मौलीहर्ष माताजी ने संगीतमय भक्ति आराधना के साथ अष्टद्रव्य से गुरु पूजन संपन्न करवाया।
गुरुवाणी: "संस्कारयुक्त शिक्षा ही राष्ट्र का आधार"
सभा को संबोधित करते हुए आचार्य विहर्ष सागर जी महाराज ने शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:
"जैसे हम आजादी के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों को याद करते हैं, वैसे ही शिक्षक को भी अपने शिष्यों के जीवन में अमिट छाप छोड़नी चाहिए। आज के डिजिटल युग में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्हें बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सही-गलत का भेद और उच्च संस्कार भी देने चाहिए, ताकि वे परिवार और राष्ट्र के लिए आदर्श व्यक्तित्व बन सकें।"
इस अवसर पर मुनि विजयेश सागर महाराज ने भी दिगंबर जैन संतों की कठिन तपस्या और जीवन दर्शन पर विस्तृत प्रवचन दिए।
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प्रतिभाओं का सम्मान
सम्मेलन के दौरान भींडर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए निजी स्कूल के शिक्षकों का तिलक, उपरणा, प्रतीक चिन्ह और डायरी-पेन भेंट कर अभिनंदन किया गया। संस्था निदेशक अनिल स्वर्णकार ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करना और उन्हें निरंतर बेहतर कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करना है।
गरुमामयी उपस्थिति
धर्मसभा के दौरान आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की गई। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा परिवार ब्लॉक भींडर के अध्यक्ष कुशाल सिंह शक्तावत, मांगीलाल सालवी, इंद्रदास वैष्णव, कैलाश शर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम संचालन: अनिल स्वर्णकार









