सोशल वर्क के छात्रों ने जाना 'बाचा' का विकास मॉडल: 125 कार्यकर्ताओं ने किया आदर्श सोलर ग्राम का शैक्षणिक भ्रमण SolarVillageVisit RuralDevelopment SustainableLiving
- Jan 5
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बैतूल। जिले के सुप्रसिद्ध आदर्श सोलर ग्राम 'बाचा' में हाल ही में एक विशेष शैक्षणिक (एक्सपोजर) विजिट का आयोजन किया गया। इस भ्रमण में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत घोड़ाडोंगरी और प्रभात पट्टन विकासखंड के MSW और BSW के लगभग 125 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

15 वर्षों की तपस्या का परिणाम है बाचा
इस दौरान बताया गया कि ग्राम बाचा के इस स्वरूप की नींव लगभग 15 वर्ष पूर्व भारत भारती शिक्षा समिति और वर्तमान में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर जी के सतत प्रयासों से रखी गई थी। उनके अभियानों का ही नतीजा है कि आज यह गांव पूरे देश के लिए ग्रामीण विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण (मॉडल) बन चुका है।
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भ्रमण के मुख्य आकर्षण:
आजीविका के साधन: छात्रों ने गांव में संचालित कुटीर उद्योग, बकरी पालन, मुर्गी पालन और गोपालन जैसी गतिविधियों को करीब से देखा और समझा।
सोलर ऊर्जा और पर्यावरण: गांव के हर घर में स्थापित सोलर चूल्हे, जल संरक्षण के लिए किए गए बोरी बंधान और जैविक खेती के साथ-साथ विकसित की गई पोषण वाटिकाओं का प्रतिभागियों ने अवलोकन किया।
ग्रामीण पर्यटन (Home-Stay): म.प्र. पर्यटन विकास निगम की 'होम-स्टे' योजना से गांव में आई आर्थिक समृद्धि के बारे में ग्राम पर्यटन समिति के अध्यक्ष श्री अनिल उइके ने विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों की मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण विजिट के दौरान जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी, ब्लॉक समन्वयक (प्रभात पट्टन) श्रीमती राधा बरोदे और ब्लॉक समन्वयक (घोड़ाडोंगरी) श्री संतोष राजपूत सहित दोनों विकासखंडों के परामर्शदाता उपस्थित रहे।
सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस भ्रमण के माध्यम से यह सीखा कि कैसे जन-भागीदारी और सही मार्गदर्शन से एक गांव को आत्मनिर्भर और आदर्श बनाया जा सकता है।











