छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने किया सादर नमनShivajiLeadership, CulturalLegacy, VisionaryGovernance
- Feb 19
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नई दिल्ली | 19 फरवरी 2026 (PIB)
छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के गौरवपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने महाराज को एक दूरदर्शी जननायक, कुशल प्रशासक और 'स्वराज्य' के प्रबल संरक्षक के रूप में याद किया।
ShivajiLeadership, CulturalLegacy, VisionaryGovernance
कुशल शासन और जन-कल्याण का प्रतीक
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के प्रमुख पहलुओं को रेखांकित किया:
प्रेरक नेतृत्व: पीएम मोदी ने कहा कि शिवाजी महाराज का साहस और उनके द्वारा स्थापित शासन की व्यवस्था आज भी हमारे समाज के लिए प्रेरणापुंज है।
जन-सेवा के प्रति समर्पण: उन्होंने जोर दिया कि महाराज ने हमेशा प्रजा के कल्याण को सर्वोपरि रखा और अपना संपूर्ण जीवन उनकी सुरक्षा और स्वाभिमान के लिए समर्पित कर दिया।
रणनीतिक दूरदर्शिता: उन्हें एक विलक्षण रणनीतिकार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके आदर्श पीढ़ियों तक भारत का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
सोशल मीडिया पर साझा किए विचार
प्रधानमंत्री ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर विभिन्न भाषाओं में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं:
"छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर, हम इस दूरदर्शी नेता और स्वराज्य के पुरस्कर्ता को सादर नमन करते हैं। उनका शौर्य हमें प्रेरित करे, उनका सुशासन हमारा मार्ग प्रशस्त करे और उनकी न्यायप्रियता समाज को और अधिक सशक्त बनाए।"
उन्होंने संस्कृत के एक विशेष श्लोक के माध्यम से महाराज के महान व्यक्तित्व को सम्मान दिया:
"गोपायितारं दातारं धर्मनित्यमतन्द्रितम्। अकामद्वेषसंयुक्तमनुरज्यन्ति मानवाः।।" (अर्थ: जो रक्षा करने वाला, दानी, धर्म के प्रति जागरूक और राग-द्वेष से मुक्त हो, ऐसी महान आत्मा के प्रति समस्त जनमानस का प्रेम और आदर होता है।)
विरासत का सम्मान
प्रधानमंत्री के अनुसार, शिवाजी महाराज का जीवन और उनके आदर्श न केवल महाराष्ट्र, बल्कि समूचे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय हैं। उनकी प्रशासनिक निपुणता और न्याय की भावना आज भी आधुनिक प्रशासन के लिए एक आदर्श उदाहरण है।









