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शासकीय महाविद्यालय शाहपुर में 3F (Fitness–Freedom–Finance) विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला संपन्नराष्ट्रीय सेवा योजना संयुक्त इकाई की सराहनीय पहल

  • Dec 25, 2025
  • 3 min read

शासकीय महाविद्यालय शाहपुर, जिला बैतूल में बुधवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) संयुक्त इकाई के नेतृत्व में “3F – Fitness, Freedom एवं Finance” विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में शारीरिक, मानसिक एवं वित्तीय जागरूकता का विकास कर उन्हें एक संतुलित, आत्मनिर्भर एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की दिशा में प्रेरित करना रहा कार्यशाला में प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर एवं करियर काउंसलर डॉ. एम. एल. नागले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे उन्होंने विद्यार्थियों को फिटनेस, स्वतंत्रता एवं वित्तीय स्वायत्तता जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण जीवन-मूल्यों पर व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया डॉ. नागले ने विद्यार्थी जीवन में इन तीनों आयामों की महत्ता को रेखांकित करते हुए अनेक उपयोगी टिप्स एवं ट्रिक्स साझा किए, जिन्हें अपनाकर विद्यार्थी अपने भविष्य को अधिक सशक्त एवं सफल बना सकते हैं कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती नीतू जायसवाल माहोरे द्वारा पुष्प-गुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का आत्मीय स्वागत किया गया अपने प्रेरणादायी अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य महोदया ने कहा कि “आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार की करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल कार्यशालाएँ अत्यंत आवश्यक हैं ये कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को न केवल सही करियर चुनने में सहायता करती हैं, बल्कि उन्हें जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास एवं निर्णय-क्षमता भी प्रदान करती हैं फिटनेस को जीवन का मूल मंत्र बनाकर ही हम एक सशक्त, संतुलित और सफल व्यक्तित्व का निर्माण कर सकते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि स्वस्थ शरीर, स्वतंत्र विचार और वित्तीय जागरूकता—ये तीनों तत्व विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अपने व्याख्यान में डॉ. नागले ने फिटनेस को जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि “एक निरोगी काया ही जीवन में उन्नति और तरक्की का मार्ग प्रशस्त करती है।” उन्होंने “स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का निवास होता है” इस उक्ति को चरितार्थ करते हुए बताया कि स्वास्थ्य ही जीवन का सबसे बड़ा धन है। उन्होंने विशेष रूप से गट हेल्थ (Gut Health) को समस्त स्वास्थ्य समस्याओं की जड़ बताते हुए योग, प्राणायाम, ध्यान, मेडिटेशन तथा संतुलित आहार अपनाने पर जोर दिया। साथ ही प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर प्राकृतिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन की सलाह दी मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने अध्यात्म, ध्यान एवं सकारात्मक सोच को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया स्वतंत्रता (Freedom) विषय पर बोलते हुए डॉ. नागले ने कहा कि व्यक्ति को अपने विचारों एवं कर्मों में नैतिक स्वतंत्रता होना आवश्यक है जो कार्य नैतिक रूप से सही हो, उसे बिना भय एवं दबाव के करने का साहस ही व्यक्ति को बड़े लक्ष्य प्राप्त करने में सहायक बनाता है कार्यक्रम के अंतिम चरण में उन्होंने वित्तीय स्वतंत्रता (Financial Freedom) पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन से ही वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता विकसित करना अत्यंत आवश्यक है उन्होंने स्पष्ट किया कि आर्थिक नियोजन, बचत, निवेश एवं वित्तीय अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाकर ही व्यक्ति भविष्य में आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बन सकता है उन्होंने वित्तीय मजबूती को जीवन के प्रमुख स्तंभों में से एक बताया कार्यशाला के अंत में डॉ नागले द्वारा विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं उनके प्रश्नों का संतोषजनक समाधान भी प्रस्तुत किया इस एकदिवसीय कार्यशाला के सफल आयोजन में डॉ. सपना रजक, डॉ. शारदा कौशिक, प्रोफेसर खुशी बडोनिया सहित महाविद्यालय के लगभग 73 विद्यार्थियों एवं समस्त महाविद्यालयीन स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा

 
 

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