चुनाव आयोग की बड़ी पहल: 2.3 लाख से अधिक बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाता घर बैठे करेंगे मतदान SeniorCitizenVoting, AccessibleElections, InclusiveDemocracy
- Mar 30
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नई दिल्ली।(CORTESY PIB) भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। वर्ष 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के दौरान, देश के 2.3 लाख से अधिक पात्र मतदाता 'होम वोटिंग' (घर से मतदान) की सुविधा का लाभ उठाएंगे। यह सुविधा विशेष रूप से 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग (PwD) मतदाताओं के लिए वैकल्पिक रूप से उपलब्ध कराई गई है।

केरल, असम और पुडुचेरी में प्रक्रिया शुरू
निर्वाचन आयोग के अनुसार, केरल, असम और पुडुचेरी में निर्वाचन अधिकारियों (ROs) द्वारा अब तक 2.37 लाख से अधिक मतदाताओं के आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी है। 30 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:
केरल: यहाँ सबसे अधिक 1.45 लाख से अधिक बुजुर्गों (71.27%) और 62 हजार से अधिक दिव्यांगों ने इस सुविधा को चुना है।
असम: लगभग 19,774 बुजुर्ग और 6,638 दिव्यांग मतदाता घर से वोट डालेंगे।
पुडुचेरी: यहाँ भी 3,600 से अधिक मतदाता इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं।
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पारदर्शिता के लिए वीडियोग्राफी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
होम वोटिंग की प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और गोपनीय बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त प्रोटोकॉल तैयार किया है:
वीडियोग्राफी: पूरी मतदान प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
सुरक्षा घेरा: मतदान अधिकारियों की टीम के साथ पुलिस सुरक्षा तैनात रहेगी।
दो बार दस्तक: यदि मतदाता पहली बार घर पर नहीं मिलता है, तो टीम दूसरी बार भी उनके निवास पर जाएगी।
उम्मीदवारों की निगरानी: सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को होम वोटिंग करने वाले मतदाताओं की सूची दी गई है। उम्मीदवार चाहें तो अपने प्रतिनिधि को टीम के साथ भेज सकते हैं।
5 अप्रैल तक पूरी होगी प्रक्रिया
असम, केरल और पुडुचेरी में होम वोटिंग का सिलसिला शुरू हो चुका है, जिसे 5 अप्रैल 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। वहीं, पश्चिम बंगाल (प्रथम चरण) और तमिलनाडु के लिए अधिसूचना आज यानी 30 मार्च को जारी कर दी गई है।
नोट: जो बुजुर्ग या दिव्यांग मतदाता इस वैकल्पिक सुविधा का चयन नहीं कर पाए हैं, उनके लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, वॉलंटियर्स और अन्य सभी आवश्यक सहायता सुनिश्चित की जाएगी ताकि उन्हें वोट डालने में कोई असुविधा न हो।











