पत्रकारिता पर प्रहार बर्दाश्त नहीं: सभापुर पुलिस की तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरा पत्रकार कल्याण परिषदournalistRights, PoliceBias, PressFreedom
- Jan 20
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सतना। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर बढ़ते हमलों और सभापुर पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के विरोध में आज 'पत्रकार कल्याण परिषद' ने हुंकार भरी। राष्ट्रीय अध्यक्ष बेदान्ती त्रिपाठी के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकारों ने सतना पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी ताकत का अहसास कराया और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए। एसपी की अनुपस्थिति में एडिशनल एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि पत्रकारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ तक जाएगी।

षड्यंत्रकारियों की गोद में बैठी पुलिस!
परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेदान्ती त्रिपाठी ने तीखे शब्दों में कहा कि सभापुर पुलिस कुछ जालसाजों और भू-माफियाओं के साथ मिलकर निष्पक्ष पत्रकारों के खिलाफ मनगढ़ंत और फर्जी मामले दर्ज कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना किसी ठोस साक्ष्य या जांच के, सत्ता और रसूखदारों के इशारे पर कलमकारों की आवाज दबाने का कुत्सित प्रयास कर रही है। त्रिपाठी ने दो-टूक कहा, "पत्रकारिता को डराने की कोशिश करना लोकतंत्र की हत्या के समान है, जिसे परिषद कभी सफल नहीं होने देगा।"
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दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई, वरना होगा बड़ा आंदोलन
ज्ञापन में मांग की गई है कि सभापुर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो। जो अधिकारी और पुलिसकर्मी इस षड्यंत्र में शामिल हैं, उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। त्रिपाठी ने कहा कि यदि कोई पत्रकार वास्तव में अपराधी है, तो उस पर कानून सम्मत कार्रवाई हो, लेकिन सच लिखने की सजा के रूप में फर्जी केस लादना 'खाकी' के चरित्र पर दाग है।
"न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष"
पत्रकार कल्याण परिषद ने घोषणा की है कि यह संघर्ष केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि सतना पुलिस प्रशासन ने समय रहते अपनी गलती नहीं सुधारी और पत्रकारों को सुरक्षा मुहैया नहीं कराई, तो परिषद पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बेदान्ती त्रिपाठी ने कहा, "हमें सतना पुलिस अधीक्षक पर विश्वास है, लेकिन न्याय मिलने तक हमारी कलम और हमारा संघर्ष विराम नहीं लेगा।"
प्रदर्शन में इन कलमकारों की रही प्रमुख उपस्थिति
प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान पत्रकारिता जगत की प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें गिरीश अग्रवाल, अर्जुन उरमलिया, वेंकटेश द्विवेदी, फारुख कुरैशी, अम्बिका केशरी, सूर्यप्रकाश सिंह, हमीद खान, विनोद अग्रवाल, सुनील सिंह, विद्या पंडित, अजीत नामदेव, रामनरेश शर्मा, शिवाकांत कुशवाहा, सचिन सोनी, सुनील तिवारी, सतीश बाबा, पुष्पराज त्रिपाठी, धीरेन्द्र गुप्ता, मयंक वर्मन, शांतनु त्रिपाठी, प्रशांत उपाध्याय, आकाश मिश्रा, गोपाल माधवानी, धीरू गुप्ता सहित अन्य जुझारू पत्रकार साथी सम्मिलित थे।











