top of page

ग्राउंड रिपोर्ट का बड़ा असर: सहरिया आदिवासियों के आंसू पोंछने मैदान में उतरा प्रशासन, कलेक्टर ने शुरू किया विशेष अभियान SahariyaTribeRelief, IndigenousCommunitySupport, GovernmentActionMadhyaPradesh

  • May 18
  • 2 min read

भिंड। मालनपुर के तिलोरी ग्राम में विकास के नाम पर उजड़े सहरिया जनजाति के आशियानों की खबर का जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से संज्ञान लिया है। मीडिया में खबर आने के तुरंत बाद भिंड कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए न सिर्फ त्वरित राहत पहुंचाई, बल्कि जनजातीय वर्ग के स्थाई समाधान और समग्र विकास के लिए एक बड़े राष्ट्रव्यापी अभियान का शंखनाद कर दिया है।

जिले के गोहद विकासखंड की सहरिया बसाहटों में सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए "जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले" अभियान की शुरुआत की गई है। कलेक्टर के इस त्वरित एक्शन से पीड़ित परिवारों में न्याय की उम्मीद जागी है।


SahariyaTribeRelief, IndigenousCommunitySupport, GovernmentActionMadhyaPradesh

18 से 25 मई तक विशेष संतृप्ति शिविर: 'लंबित शून्य' का लक्ष्य

कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (PM-JANMAN) और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत 18 मई से 25 मई 2026 तक विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रशासन का सीधा लक्ष्य है कि 25 मई तक इन क्षेत्रों में विकास योजनाओं का 'लंबित शून्य' (Zero Pendency) सुनिश्चित किया जाए।

इन 5 सहरिया बसाहटों में लगेंगे विशेष शिविर

प्रशासन ने गोहद विकासखंड की उन 5 प्रमुख सहरिया बसाहटों को चिन्हित किया है, जहां बुनियादी सुविधाओं और योजनाओं को तत्काल पहुंचाना अनिवार्य है:

  • गुरिखा

  • डांग

  • आशाराम का पुरा

  • मातादीन का पुरा

  • रड़ीकापुरा

SahariyaTribeRelief, IndigenousCommunitySupport, GovernmentActionMadhyaPradesh

अभियान की प्रमुख विशेषताएं और प्रशासनिक मुस्तैदी

कलेक्टर के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस अभियान को पूरी तरह पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया है, जिसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:

  • स्पॉट जन सुनवाई (19 से 23 मई): प्रत्येक ग्राम पंचायत में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM की अध्यक्षता में ऑन-द-स्पॉट जन सुनवाई होगी। इसमें जाति प्रमाण पत्र, निवास, आय, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाता और वनाधिकार पट्टे जैसे मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा।

  • 18 विभाग एक साथ मैदान में: पीड़ितों की हर समस्या को दूर करने के लिए राजस्व, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, खाद्य, पंचायत, कृषि, पशुपालन, बैंक और बीएसएनएल समेत कुल 18 विभागों के जिला अधिकारी खुद मैदान में रहकर कैंप संभालेंगे।

  • सीधी मॉनिटरिंग और जियो-टैगिंग: इस अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रतिदिन की प्रगति की जियो-टैग फोटो और वीडियो सीधे भारत सरकार के पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, जिसकी मॉनिटरिंग सीधे PMO स्तर से हो रही है।

SahariyaTribeRelief, IndigenousCommunitySupport, GovernmentActionMadhyaPradesh
कलेक्टर की दोटूक: "अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचे लाभ" कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने सभी विभाग प्रमुखों को सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे सहरिया भाई-बहनों तक शासन की योजनाओं को पहुंचाना है। उन्होंने स्थानीय प्रभावितों से भी अपील की है कि वे 21 से 23 मई के बीच अपने निकटतम शिविर में जरूरी दस्तावेजों और पहचान पत्रों के साथ पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं।

प्रशासन के इस रुख से जनता में खुशी

मालनपुर में आशियाने उजड़ने के बाद जहां सहरिया समुदाय के सामने जीवन का संकट खड़ा हो गया था, वहीं कलेक्टर के इस ऐतिहासिक और त्वरित कदम ने यह साबित कर दिया है कि प्रशासन पीड़ितों के साथ खड़ा है। अस्थाई टेंट, भोजन और पानी की व्यवस्था के बाद अब इस विशेष अभियान से आदिवासियों को उनका हक और मुकम्मल आशियाना मिलने की राह साफ हो गई है।

Top Stories

bottom of page