देवास RTO की बड़ी स्ट्राइक: आज सुबह 4 बजे सड़कों पर उतरा दस्ता, स्लीपर बसों में मंचा हड़कंप RoadSafety, TransportRegulations, PublicSafety
- Jan 18
- 2 min read
कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर मक्सी रोड पर 5 घंटे चला सघन चेकिंग अभियान - 7 बसों पर गिरी गाज, ₹58 हजार वसूला जुर्माना; सुरक्षा मानकों में मिली भारी खामियां - मौके पर ही निकलवाए अवैध पार्टीशन गेट; नोटिस जारी, फिटनेस निरस्त करने की चेतावनी

देवास। यात्री सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाली स्लीपर बसों के खिलाफ परिवहन विभाग ने अब मोर्चा खोल दिया है। शनिवार अलसुबह 4 बजे, जब शहर सो रहा था, तब आरटीओ का अमला मक्सी रोड पर मोर्चा संभाले हुए था। कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश पर जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में की गई इस औचक कार्रवाई से बस ऑपरेटरों में अफरा-तफरी मच गई।
RoadSafety, TransportRegulations, PublicSafety
सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां, मौके पर हुई सख्ती
परिवहन विभाग की टीम ने स्लीपर बसों में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher), इमरजेंसी गेट, पैनिक बटन और स्लाईडर जैसे अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान कई बसों में नियमों के विरुद्ध चालक सीट के पीछे 'पार्टीशन गेट' पाए गए, जिन्हें विभाग ने तत्काल मौके पर ही उखाड़ फेंकने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे गेट हादसों के वक्त यात्रियों के बाहर निकलने में बड़ी बाधा बनते हैं।
5 घंटे चला अभियान, 55 बसों की हुई स्क्रूटनी
सुबह 4 बजे से शुरू हुआ यह एक्शन लगातार 5 घंटों तक चला। कुछ समय के अंतराल के बाद विभाग की टीम फिर सड़कों पर उतरी और दिनभर चेकिंग जारी रही।
कुल जांच: 55 यात्री बसें खंगाली गईं।
चालानी कार्रवाई: 07 बसों पर नियम विरुद्ध संचालन के लिए केस बनाए गए।
जुर्माना: मौके पर ₹58,000 का शमन शुल्क वसूला गया।
अवैध निर्माण: 03 बसों से तत्काल पार्टीशन गेट हटवाए गए।
फिटनेस निरस्त करने की तैयारी
परिवहन अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि जिन बसों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर भौतिक सत्यापन के लिए कार्यालय बुलाया गया है। यदि निर्धारित समय सीमा में सुरक्षा मापदंड पूरे नहीं किए गए, तो इन बसों की फिटनेस निरस्त कर दी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों के विरुद्ध दौड़ने वाले वाहनों पर जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।
कार्रवाई में शामिल टीम
इस विशेष चेकिंग अभियान में परिवहन अधिकारी निशा चौहान के साथ परिवहन उप-निरीक्षक मीनाक्षी गोखले, जसवंत सिंह दौहरे, सरफराज खान, निलेश साल्वे, बाबुलाल देवड़ा, शाकिर खान और भगतसिंह भलावी मुख्य रूप से शामिल रहे।
खबर का विश्लेषण (Anti-Corruption/Standard): अक्सर देखा जाता है कि स्लीपर बसें नियम विरुद्ध केबिन और अवैध सीटें बनाकर चलती हैं। देवास में हुई यह कार्रवाई केवल चालान काटने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जनता की मांग है कि क्या ये बसें केवल चेकिंग के दिन ही असुरक्षित होती हैं या रोजाना नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं? आरटीओ की यह सख्ती केवल 'दिखावा' न बनकर 'निरंतर प्रक्रिया' बननी चाहिए।











