सूरतगढ़ विधायक डूंगरराम गेदर ने विधानसभा में बुलंद की किसानों की आवाज; खाद की किल्लत और MSP पर घेरी सरकारAgriculturalCrisis, FarmerProtests, FertilizerShortages
- Feb 4
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जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मौजूदा सत्र में सूरतगढ़ विधायक श्री डूंगरराम गेदर ने प्रदेश के किसानों की ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से त्वरित समाधान की मांग की है। नियम 295 के तहत विशेष उल्लेख के माध्यम से विधायक गेदर ने डीएपी-यूरिया की भारी कमी और एमएसपी (MSP) खरीद में हो रही देरी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

खाद संकट और लाठीचार्ज पर जताया कड़ा ऐतराज
विधायक गेदर ने सदन को अवगत कराया कि रबी और खरीफ के महत्वपूर्ण सीजन में किसानों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा:
लंबी कतारें: किसान घंटों कतारों में लगने को मजबूर हैं, यहां तक कि आधार कार्ड तक लाइनों में लगाने पड़ रहे हैं।
पुलिस कार्रवाई: खाद वितरण केंद्रों पर महिलाओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज किसानों की गरिमा का अपमान है।
जबरन टैगिंग: खाद के साथ किसानों को अनावश्यक कीटनाशक और बायो-प्रोडक्ट खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो किसानों के साथ "खुली लूट" है।
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MSP खरीद में देरी से किसानों को भारी नुकसान
सूरतगढ़ और श्रीगंगानगर क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि नरमा और मूंगफली की एमएसपी पर खरीद समय से शुरू न होने के कारण किसानों को अपनी मेहनत की फसल औने-पौने दामों पर खुले बाजार में बेचनी पड़ी। इससे क्षेत्र के अन्नदाता को भारी आर्थिक चपत लगी है।
मुख्य मांगें:
विधायक श्री डूंगरराम गेदर ने विधानसभा के माध्यम से सरकार से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
पर्याप्त आपूर्ति: प्रदेश में डीएपी और यूरिया की पारदर्शी और समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
टैगिंग पर रोक: खाद के साथ जबरन बेचे जा रहे अन्य उत्पादों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
समय पर खरीद: आगामी गेहूं, सरसों, चना और जौ की फसल की एमएसपी पर खरीद समय रहते शुरू की जाए ताकि किसानों को पूरा लाभ मिल सके।











