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सच दिखाने पर पत्रकार को धमकी; पत्रकार कल्याण परिषद ने खोला मोर्चा, एसपी के नाम एसडीओपी को सौंपा ज्ञापन PressFreedom, JournalistSafety, PoliticalInterference

  • Jun 29
  • 3 min read

बैतूल। शाहपुर क्षेत्र में पत्रकारिता और सच की आवाज को दबाने के प्रयास का एक गंभीर मामला सामने आया है. कृषि उपज मंडी में चल रही कथित अनियमितताओं और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले Gamaki Media के एडिटर एवं साँझवीर टाइम्स के पत्रकार आशीष राठौर के साथ बदसलूकी करने, मां-बहन की गालियां देने और अनुसूचित जाति/जनजाति (ST/SC Act) के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का सनसनीखेज मामला शाहपुर थाने तक पहुंच चुका है.  

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क्या है पूरा मामला?

शिकायत के अनुसार, आशीष राठौर ने अपने मीडिया माध्यमों से शाहपुर मंडी के भीतर चल रही गतिविधियों और किसानों के शोषण से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रसारित किया था. आरोप है कि इन खबरों के प्रकाशन के बाद कुछ स्थानीय रसूखदार व्यापारियों में उनके प्रति रंजिश पैदा हो गई थी.  

घटना दिनांक 21 जून 2026 की बताई जा रही है, जब आशीष राठौर को सूचना मिली कि माचना ब्रिज के पास उनके सहयोगी पत्रकार मित्र शंकर राय की गाड़ी का एक आयशर (Eicher) ट्रक से एक्सीडेंट हो गया है, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी सवार थे. मानवता के नाते आशीष राठौर मौके पर मदद के लिए पहुंचे.  

आरोप है कि जब उन्होंने दोनों पक्षों को बैठकर मामला खतम करने की करने की सलाह दी, तभी वहां शाहपुर निवासी अमित गुप्ता, नितिन गुप्ता और नवनीत गुप्ता पहुंचे. शिकायत के मुताबिक, इन तीनों ने पुरानी रंजिश निकालते हुए आशीष राठौर को खबर लगाने की बात पर घेर लिया और मां-बहन की नंगी-नंगी गालियां देना शुरू कर दिया. साथ ही रसूख का धौंस दिखाते हुए अपने ट्रक ड्राइवर के जरिए ST/SC एक्ट के तहत झूठी एफआईआर कराने और जान से मारने की धमकी दी.  

Courtesy Sanjhveer Times


पुलिस ने दर्ज की FIR, संगठन ने दिखाई एकजुटता

इस मामले में शाहपुर थाना पुलिस ने प्राप्त आवेदन की जांच के बाद आरोपी अमित गुप्ता, नितिन गुप्ता, नवनीत गुप्ता और ड्राइवर किशोर सिरसाम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 296, 351(2) और 3(5) के तहत मुकदमा पंजीबद्ध कर लिया है. मामले की आधिकारिक जांच जारी है. वहीं, दूसरी ओर से आई शिकायत के बाद तकनीकी रूप से इस मामले में क्रॉस-केस भी दर्ज हुआ है, जिससे पूरा घटनाक्रम गरमा गया है.  

इस घटना के विरोध में क्षेत्र के तमाम पत्रकार पूरी तरह एकजुट नजर आए. क्षेत्रीय पत्रकारों एवं पत्रकार कल्याण परिषद के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे "दुर्भावनापूर्ण तरीके से राजनैतिक हस्तक्षेप किया गया है और इसी राजनैतिक दबाव के चलते ही पत्रकार साथी को झूठे प्रकरण में फंसाया गया प्रतीत होता है".

राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि आशीष राठौर द्वारा क्षेत्र के कुछ रसूखदार सत्ताधारी जनप्रतिनिधियों और राजनैतिक संगठन के पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली एवं उनके दिखावे की खबरों को लगातार उजागर किया जाता रहा है. सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर ही घटित हुई एक असहज कर देने वाली स्थिति की खबर को प्रमुखता से दिखाने के कारण ये राजनैतिक चेहरे अंदरूनी तौर पर रंजिश पाले हुए थे, जिसके चलते इस पूरे मामले को राजनैतिक मोड़ देने का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय पत्रकारों एवं संगठन ने दोटूक कहा है कि प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा और किसी भी बाहरी या राजनैतिक दबाव में आकर की गई कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया जाएगा.

इस घटना के विरोध में पत्रकारों में भारी असंतोष है. आज पत्रकार कल्याण परिषद के जिला उपाध्यक्ष राजकमल गुप्ता द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी एवं जिला अध्यक्ष के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक (SP) बैतूल के नाम अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) शाहपुर को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया. साथ ही स्थानीय पत्रकार साथियों द्वारा भी इस गंभीर प्रकरण मे थाना प्रभारी अरविन्द कुमार कुमरे को ज्ञापन देते हुए उचित जांच एवं कार्यवाही की मांग की गई है |

ज्ञापन सौंपते समय गोवर्धन गुप्ता, संजय गुप्ता, सचिन शुक्ला, संजय जगताप, अंकुश मिश्रा, शैलेन्द्र गुप्ता, मुदित शुक्ला, मनीष सोनी एवं पत्रकार कल्याण परिषद के सहयोगी सदस्य संजय पाटिल उपस्थित रहे।

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निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग

पत्रकारों एवं संगठन का कहना है कि कर्तव्यों के पालन के दौरान पत्रकारों के साथ होने वाली इस प्रकार की घटनाएं प्रेस की स्वतंत्रता और उनकी बुनियादी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं. पत्रकार कल्याण परिषद ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि:  

  • इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र या उच्चस्तरीय एजेंसी से पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराई जाए.  

  • पत्रकार आशीष राठौर सहित क्षेत्र के सभी कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.  

  • राजनैतिक या अन्य दबाव बनाकर झूठे मुकदमे की साजिश रचने वाले और धमकी देने वाले दोषियों पर विधि अनुसार कड़ी कार्रवाई हो.  

परिषद के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र संज्ञान लेकर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगा.



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