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बैतूल: "वोट बैंक नहीं, अब हिस्सेदारी चाहिए", यादव समाज ने भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा PoliticalRepresentation YadavCommunity VoterInfluence

  • Dec 29, 2025
  • 2 min read

पूरे प्रदेश में उपेक्षा का लगाया आरोप

बैतूल। मध्यप्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले यादव समाज ने अब अपने 'संख्या बल' के आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व की हुंकार भरी है। राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर पवन यादव के नेतृत्व में समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम हेमंत खंडेलवाल को एक कड़ा ज्ञापन सौंपा। इसमें साफ शब्दों में कहा गया है कि बैतूल जिले सहित पूरे प्रदेश में यादव समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि संगठन में पदों के वितरण के समय समाज को नजरअंदाज कर दिया जाता है। PoliticalRepresentation YadavCommunity VoterInfluence | GAMÁKI MEDIA

PoliticalRepresentation YadavCommunity VoterInfluence

आंकड़ों के साथ पार्टी की रणनीति

ज्ञापन में समाज ने अपनी ताकत का एहसास कराते हुए बताया कि:

  • प्रदेश स्तर पर: पूरे मध्य प्रदेश में यादव समाज की संख्या लगभग 80 लाख है।

  • बैतूल जिले में: जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में समाज के करीब 2 लाख 80 हजार मतदाता हैं, जो किसी भी चुनाव का रुख मोड़ने की क्षमता रखते हैं।

समाज का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व पर उन्हें गर्व है, लेकिन जब जिला और प्रदेश की कमेटियों या विभिन्न मोर्चों (युवा, किसान, ओबीसी, महिला मोर्चा) में अध्यक्ष पदों की बात आती है, तो यादव समाज के कार्यकर्ताओं को अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है।

 PoliticalRepresentation YadavCommunity VoterInfluence | GAMÁKI MEDIA

"सबका साथ, सबका विकास" के नारे पर सवाल

राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि बैतूल जिले में कुछ गिने-चुने वर्गों को ही बार-बार प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि:

  1. हाल ही में जिला अध्यक्ष पद पर भी यादव समाज की अनदेखी की गई।

  2. कम संख्या वाले समाजों को बार-बार जिम्मेदारी दी जा रही है, जबकि यादव समाज को छोटे पदों से बहलाने की कोशिश होती है।

  3. "सबका साथ, सबका विकास" का नारा बैतूल में कुछ ही लोगों तक सीमित होकर रह गया है।

चेतावनी: जागरूक युवा बदल सकता है रुख

इंजीनियर पवन यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यादव समाज का युवा वर्ग अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है। यदि आगामी संगठनात्मक नियुक्तियों में समाज को मुख्य कमेटियों और मोर्चों में अध्यक्ष पदों पर जगह नहीं मिली, तो समाज मजबूरी में अन्य राजनीतिक विकल्पों पर विचार कर सकता है। नर्मदापुरम और बैतूल संभाग में यह असंतोष गहराता जा रहा है।

प्रमुख मांगें:

  • प्रदेश और जिला स्तर की मुख्य कमेटियों में यादव समाज को संख्या बल के अनुसार प्रतिनिधित्व मिले।

  • पार्टी के सभी महत्वपूर्ण मोर्चों में अध्यक्ष पदों पर समाज की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो।

  • "सबका साथ, सबका विकास" के संदेश को बैतूल में हकीकत में बदला जाए।

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