बैतूल: करणलाल चंदेलकर बने कांग्रेस वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष, संगठन मजबूती का लिया संकल्प PoliticalAppointments, EnvironmentalLeadership, LocalGovernance
- Mar 12
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बैतूल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ में करणलाल चंदेलकर को बैतूल जिले का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद स्थानीय कांग्रेस संगठन और पर्यावरण प्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है। पदभार ग्रहण करने के बाद चंदेलकर ने जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निलय डागा से शिष्टाचार भेंट की और संगठन की मजबूती के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर सक्रियता से कार्य करने का संकल्प लिया।

संगठन और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
जिला अध्यक्ष निलय डागा से मुलाकात के दौरान नवनियुक्त जिलाध्यक्ष करणलाल चंदेलकर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जिले में वन एवं पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाना और कांग्रेस की रीति-नीतियों को जन-जन तक पहुँचाना है। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने भी सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण और संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की शपथ ली।
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वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देश पर हुई नियुक्ति
यह नियुक्ति मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार और संगठन प्रभारी महासचिव डॉ. संजय कामले की सहमति से की गई है। वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एस.पी.एस. तिवारी द्वारा जिलाध्यक्षों की सूची को अनुमोदित किया गया, जिसमें बैतूल की कमान करणलाल चंदेलकर को सौंपी गई है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
मुलाकात के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
पिछड़ा वर्ग: जिलाध्यक्ष नारायण राव धोटे, उपाध्यक्ष उदल जयसिंहपुरे।
समाज प्रमुख: कुनबी समाज अध्यक्ष भोजराज माकोड़े, संरक्षक गुलाबराव धोटे।
संगठन: किसान कांग्रेस के अर्जुन वामनकर, सामाजिक संगठन अध्यक्ष सूरजलाल मण्डलेकर।
अन्य सदस्य: एन के माण्डवे, एफ.एल. सरनकर, अशोक निरापुरे, चरणलाल खातरकर, तुकाराम लोखण्डे, रामेश्वर चौकीकर, महादेव पाटिल, ताराचंद चौकीकर, रघुनाथ निरापुरे, हरीदास गुजरे, जासूराम गोरसकर, राजेश भुमरकर, एम.एल. चौरसिया, अरूण अतुलकर, कुणाल चंदेलकर, रूपसिंह ठाकुर, नवलसिंह ठाकुर, शिवम भावसार, विकास चौकीकर और अनुराग सरनेकर।
बैठक के अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि करणलाल चंदेलकर के नेतृत्व में जिले में पर्यावरण जागरूकता और संगठनात्मक ढांचे को एक नई ऊर्जा मिलेगी।











